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Saturday, 28 February, 2026
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‘लेवल एक’ कैंसर की चपेट में आयी दुती डर के साये में अभ्यास करती रहीं

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… फिलेम दीपक सिंह …

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) भारत की सबसे तेज महिला फर्राटा धाविका दुती चंद को अपने जीवन का सबसे बड़ा सदमा तब लगा जब नवंबर 2021 में एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वह ‘लेवल एक’ कैंसर की चपेट में है और उन्हें खेल छोड़ देना चाहिए। दुती के मुताबिक इससे जुड़ी परेशानियों के कारण वह तोक्यो ओलंपिक में महिलाओं की 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में प्रारंभिक दौर से आगे बढ़ने में असफल रहीं थी। दुती इस साल जनवरी से डोपिंग में पॉजिटिव मिलने के कारण चार साल के लिए प्रतिबंधित है। खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुदीप सत्पथी ने दुती के शरीर में ‘लेवल एक’ कैंसर की शुरुआत का निदान किया। डॉ. सत्पथी भुवनेश्वर में कलिंग चिकित्सा विज्ञान संस्थान (केआईएमएस) के प्रोफेसर हैं और वह अतीत में भारतीय हॉकी टीम के साथ भी काम कर चुके है। एमआरआई रिपोर्ट के बाद डॉक्टर के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए दुती ने भुवनेश्वर से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मुझे यह सोचकर बहुत डर लग रहा था, घबराहट हो रही थी कि मेरी जिंदगी को क्या हो गया है। तोक्यो ओलंपिक (2021) से पहले राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करते समय मुझे कमर के आस-पास में बहुत दर्द महसूस हुआ। मैंने कुछ डॉक्टरों से परामर्श किया लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। मैं ओलंपिक (जुलाई-अगस्त, 2021) में गयी और वहां अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक से लौटने के बाद नवंबर 2021 में मैंने अल्ट्रासाउंड कराया। अल्ट्रासाउंड में कुछ भी असामान्य नहीं था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने इसके बाद एमआरआई स्कैन करवाया और डॉक्टर (सुदीप सत्पथी) ने मुझे बताया कि ‘लेवल एक’ टेस्टिकुलर कैंसर शुरुआती चरण में है। उन्होंने कहा कि मुझे खेल छोड़ना होगा अन्यथा यह और खराब हो जाएगा।’’ यह पूछे जाने पर कि कैंसर से शरीर का कौन सा हिस्सा प्रभावित हो सकता है, दुती ने कहा कि उनका मानना है कि इससे कमर के आस-पास का हिस्सा प्रभावित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन असंतुलन है, तो यह वहां से हो सकता है। कमर का दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था। हर कोई कह रहा था कि यह कमर में दर्द है लेकिन डॉक्टर ने कहा कि अगर यह (दर्द) जारी रहा तो मैं कैंसर की चपेट में आ सकती हूं।’’ दुती से जब पूछा गया कि क्या कैंसर की दोबारा पुष्टि के लिए उन्हें कुछ और जांच से गुजरना पड़ा तो इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘उस समय डॉक्टर ने कहा कि यह ‘लेवल एक’ कैंसर का असर है। उस समय बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन दवा लेने के बाद दर्द कम हो गया। इसके बाद मैंने कोई जांच नहीं कराई क्योंकि मैं ठीक महसूस कर रही थी।’’ इस 27 साल की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ इस दौरान मैंने अपना नमूना नाडा को दिया और डोप जांच में मेरा नमूना  पॉजिटिव रहा।’’ एशियाई खेलों 2018 में 100 मीटर और 200 मीटर में रजत पदक जीतने वाले दुती ने कहा कि उन्होंने कमर दर्द की दवा सिर्फ 15-20 दिनों के लिए ली थी। दर्द कम होने पर उसने इसे बंद कर दिया था। उन्होंने बताया, ‘‘ मैंने अपने डॉक्टर से बात की जिन्होंने मुझे आराम करने की सलाह दी। ऐसा नहीं करने पर यह और गंभीर हो जाता। इसलिए मैंने कुछ समय के लिए अभ्यास रोक दिया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं दर्द के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में कुछ खास नहीं कर सकी। यह कुछ ऐसा है जैसे अगर आप अधिक जोर लगाते हैं तो दर्द और बढ़ जाता है।’’ इस मामले में हैरानी की बात यह है कि दुती ने नवंबर 2021 के बाद कोई और जांच नहीं करायी। उन्होंने कहा, ‘‘ इस डोप पॉजिटिव नतीजे (इस साल जनवरी में) के बाद, मैं (कैंसर निदान के लिए) मेडिकल टेस्ट कराने की स्थिति में नहीं हूं। मैं पूरी तरह से परेशान मानसिक स्थिति में हूं।’’  कैंसर लेवल एक स्तर पर ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। लेवल दो में कैंसर का असर बढ़ता है लेकिन यह शरीर के दूसरे हिस्से में नहीं फैलता है। कैंसर का लेवल तीन खतरनाक होता है और यह आसपास के ऊतकों और लिम्फ नोड्स में फैल सकता है। भाषा आनन्द आनन्द मोनामोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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