मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश), 15 अप्रैल (भाषा) तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ईसाइयों को तेदेपा के साथ आना चाहिए और आंध्र प्रदेश से गरीबी को मिटाने में मदद करने के लिए मंच के तौर पर चर्च का इस्तेमाल करना चाहिए।
नायडू ने कृष्ण जिले के गुडीवाडा शहर में पादरियों को शुक्रवार को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के कथित उत्पीड़न से ईसाई समुदाय भी अछूता नहीं है।
उन्होंने एक बयान में कहा, “जगन ने तेदेपा सरकार द्वारा ईसाइयों के लिए शुरू की गई सभी कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईसाइयों को अपनी संपत्तियों और संगठनों को छोड़ने को मजबूर किया जा रहा है जबकि उनके कार्यकाल के दौरान निर्मित ‘ईसाई भवन’ को कोविड महामारी के दौरान पृथक-वास केंद्र बना दिया गया।
इस बीच, बैठक में हिस्सा लेने वाले पादरियों ने तेदेपा के समर्थन का आह्वान किया और दोहराया कि दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण के नाम पर समुदाय का उत्पीड़न किया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश में 2024 में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं।
भाषा नोमान अर्पणा
अर्पणा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.