(राजेश राय)
रोम, 13 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत किसी भी देश से स्थायी आव्रजन वीजा की मांग नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एफटीए के तहत सिर्फ छात्रों के लिए अस्थायी वीजा जैसी गतिशीलता संबंधी व्यवस्था पर व्यापार भागीदारों के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग गतिशीलता और आव्रजन को मिला देते हैं, लेकिन ये दो अलग-अलग विषय हैं।
आव्रजन के तहत एक जगह से दूसरी जगह बसने के इरादे से प्रवास किया जाता है, जबकि वैश्विक गतिशीलता का अर्थ है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कर्मचारियों को एक देश से दूसरे देश में कितनी आसानी से भेज सकती हैं।
गोयल ने कहा कि गतिशीलता व्यापार, व्यवसाय का विस्तार करने या अध्ययन के लिए किसी देश की यात्रा करने वाले लोगों के लिए अस्थायी वीजा देने के बारे में है।
उन्होंने कहा, ”भारत किसी भी देश से स्थायी आव्रजन वीजा नहीं मांग रहा है… हम केवल गतिशीलता के आधार पर देशों के साथ जुड़ना चाहते हैं। हम केवल उन छात्रों के लिए अस्थायी वीजा को लेकर चिंतित हैं, जो वहां प्रशिक्षण लेते हैं।”
मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद दुनिया यह महसूस कर रही है कि दूर रहकर काम करना एक बड़ी सफलता है और वास्तव में इससे मझोले और छोटे शहरों के युवाओं के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।
व्यापार समझौतों में भारत की प्रमुख मांगों में आईटी जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों को अस्थायी वीजा देना शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और कनाडा के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.