नई दिल्ली: बांग्लादेश के विदेश सचिव असद आलम सियाम, जिन्हें पिछली यूनुस सरकार ने देश का शीर्ष राजनयिक नियुक्त किया था, अब भारत में बांग्लादेश के अगले हाई कमीशन बनने जा रहे हैं. तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के पांच महीने बाद यह बड़ा राजनयिक फेरबदल माना जा रहा है.
प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश के स्थायी प्रतिनिधि और नेपाल में पूर्व राजदूत सलाउद्दीन नोमान चौधरी को सियाम की जगह नया विदेश सचिव बनाया जा सकता है.
इस बदलाव के तहत भारत में मौजूदा बांग्लादेशी हाई कमीशन एम. रियाज हमीदुल्लाह को जिनेवा में बांग्लादेश का स्थायी प्रतिनिधि बनाकर भेजा जाएगा.
असद आलम सियाम ने 20 जून 2025 को विदेश सचिव का पद संभाला था. उन्हें बांग्लादेश के सबसे अनुभवी करियर राजनयिकों में गिना जाता है. उन्होंने 1995 में बांग्लादेश विदेश सेवा जॉइन की थी और पिछले 30 साल में एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कई अहम राजनयिक और नीति संबंधी पदों पर काम किया है.
मौजूदा पद संभालने से पहले सियाम नवंबर 2024 से जून 2025 तक अमेरिका में बांग्लादेश के राजदूत रहे. उनके पास गुयाना का अतिरिक्त प्रभार भी था. इसके अलावा उन्होंने विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भी बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया.
इससे पहले वह ऑस्ट्रिया में बांग्लादेश के राजदूत रहे, जहां उन्होंने वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और ओपेक फंड में भी स्थायी प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभाई. वह फिलीपींस में भी बांग्लादेश के राजदूत रहे और पलाऊ का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला.
उन्होंने एशियाई विकास बैंक (ADB) और इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट में भी बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया.
उनकी राजनयिक सेवा के दौरान बैंकॉक, जकार्ता और मैनचेस्टर में भी उनकी तैनाती रही. वह मिलान में बांग्लादेश के पहले महावाणिज्य दूत (कॉन्सुल जनरल) भी रहे.
ढाका में उन्होंने विदेश मंत्रालय में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ मिशंस, फॉरेन सर्विस अकादमी के रेक्टर, चीफ ऑफ प्रोटोकॉल और यूरोप व यूरोपीय संघ के महानिदेशक जैसे कई वरिष्ठ पद संभाले.
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने विदेश मंत्री और विदेश सचिव—दोनों के कार्यालयों में भी काम किया है.
द्विपक्षीय कूटनीति के अलावा सियाम ने कई बहुपक्षीय मंचों पर भी बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया. वह वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में बांग्लादेश के स्थायी प्रतिनिधि, एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग में वैकल्पिक स्थायी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य और संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय के तहत 67वें नारकोटिक ड्रग्स आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे हैं.
उन्होंने मनीला स्थित कोलंबो प्लान स्टाफ कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता भी की है और उसके सदस्य भी रहे हैं.
यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है, जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार देश की विदेश सेवा में बड़े बदलाव कर रही है. 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हुए चुनाव में फरवरी में बीएनपी भारी बहुमत से सत्ता में आई थी. नई सरकार ने यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान नियुक्त कई राजदूतों को वापस बुलाया है और नई नियुक्तियों के जरिए राजनयिक व्यवस्था में बदलाव शुरू कर दिया है.
नई नियुक्तियों में मानवाधिकार कार्यकर्ता और एमनेस्टी इंटरनेशनल की पूर्व महासचिव आइरीन खान का नाम भी शामिल है. उन्हें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है.
सियाम की नई दिल्ली में संभावित नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने अप्रैल में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का हाई कमीशन नियुक्त किया था. इसके तुरंत बाद भारत ने ढाका में उच्चायुक्त के पद को औपचारिक रूप से केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया था. इसे भारत द्वारा बांग्लादेश के साथ संबंधों को दी जा रही रणनीतिक अहमियत का प्रतीक माना गया.
यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश राजनीतिक बदलाव और नए सिरे से राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. एम. रियाज हमीदुल्लाह को मई 2025 में ऐसे समय भारत में उच्चायुक्त बनाया गया था, जब दोनों देशों के रिश्तों में तनाव था. उन्होंने अपने कार्यकाल में सांस्कृतिक कूटनीति और साझा विरासत पर खास ध्यान दिया.
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