बीजिंग, चार नवंबर (भाषा) चीन ने बुधवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को बनाए रखने और उसे लागू करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस साल दो दुर्लभ शिखर बैठकें हुईं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता लाना था।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव पर बीजिंग के नजरिए से जुड़े सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘अमेरिका का मध्यावधि चुनाव एक आंतरिक मामला है।’’
चुनावों में, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लिया और कई अहम गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की।
हालांकि, माओ ने कहा कि चीन दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति को बनाए रखने और उसे लागू करने, बातचीत बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि चीन सम्मान, निष्पक्षता और परस्परता पर आधारित रणनीतिक स्थिरता का रचनात्मक संबंध बनाने के लिए तैयार है।
शी चिनफिंग ने इस साल 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा की थी और ट्रंप के साथ कई बैठकें कीं। इससे पहले, मई में ट्रंप की बीजिंग यात्रा के बाद, यह उनकी दूसरी शिखर वार्ता थी। बीजिंग ने इन दोनों शिखर वार्ताओं को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
माओ ने यह भी कहा कि चीन, अमेरिका और रूस के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि 18-19 नवंबर को शेनझेन में होने वाले आगामी एपेक शिखर सम्मेलन में चिनफिंग, ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच त्रिपक्षीय बैठक हो सके।
वह ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की उस खबर पर प्रतिक्रिया दे रही थीं, जिसमें कहा गया है कि तीनों देशों के अधिकारी ऐसी बैठक के लिए प्रबंधों का समन्वय कर रहे हैं।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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