नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 3 नवंबर को हुई कैबिनेट बैठक में 23,300 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में विकास, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है.
कैबिनेट ने वन संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन की नौ योजनाओं के लिए 17,240 करोड़ 55 लाख रुपये स्वीकृत किए. यह राशि वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक खर्च की जाएगी. इसके तहत टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, क्षतिपूर्ति वनीकरण और रेस्क्यू सेंटर के विकास पर जोर रहेगा.
वहीं, पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 4,103 करोड़ 73 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. इससे लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का लक्ष्य है.
नगरीय क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं.
इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के लिए 610.51 करोड़ और लोकायुक्त संगठन के संचालन के लिए 573.85 करोड़ रुपये मंजूर किए गए. इन फैसलों से रोजगार, कृषि और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.