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Wednesday, 4 November, 2026
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पहले मुस्लिम सीनेटर से पहली अश्वेत महिला गवर्नर तक: अमेरिकी चुनाव में कैसे बने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

रिपब्लिकन हार के अलावा, चुनावों में सफलताओं की एक श्रृंखला देखी गई, जिसमें जाति, लिंग, धर्म और यौन पहचान के विभिन्न क्षेत्रों में विजयी उम्मीदवारों ने इतिहास रचा.

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नई दिल्ली: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी का खराब प्रदर्शन भले ही सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा हो, लेकिन इस चुनाव के नतीजों का महत्व डेमोक्रेट्स की जीत से कहीं ज्यादा है. इस चुनाव में कई ऐसी उपलब्धियां भी दर्ज हुईं, जिनसे इतिहास बना. नस्ल, लिंग, धर्म और यौन पहचान के अलग-अलग समुदायों से आने वाले उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

पहली बार जॉर्जिया में एक अश्वेत महिला गवर्नर का पद संभालने जा रही हैं. न्यू मैक्सिको ने अमेरिका की पहली मूल अमेरिकी महिला गवर्नर चुनी है. वहीं, टेक्सास में पहली बार एक लैटिना महिला इस पद पर पहुंचेगी.

इस बीच, मिशिगन ने अपना पहला मुस्लिम सीनेटर चुना है, मिनेसोटा ने पहली मूल अमेरिकी महिला सीनेटर चुनी है और न्यू हैम्पशायर ने पहले ऐसे पुरुष सीनेटर को चुना है, जिसने खुले तौर पर खुद को समलैंगिक बताया है.

इलिनॉय ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व एक ही समय में दो अश्वेत और अन्य नस्लीय समुदायों की महिलाएं अमेरिकी सीनेट में करेंगी.

अमेरिकी सीनेट में कई नए रिकॉर्ड

मिशिगन में डेमोक्रेट अब्दुल अल-सय्यद ने करीबी मुकाबले में जीत हासिल की. 42 वर्षीय डॉक्टर और प्रगतिशील विचारों वाले नेता ने रिपब्लिकन माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम का इतिहास बनाया. उनकी जीत से उच्च सदन में डेमोक्रेट्स का बहुमत और मजबूत हुआ है. पार्टी ने मंगलवार को टेक्सास, कंसास और साउथ कैरोलिना में अप्रत्याशित जीत के बाद सीनेट पर नियंत्रण हासिल किया था.

अल-सय्यद के चुनाव प्रचार के दौरान उनके प्रतिद्वंद्वी रोजर्स और उनके आलोचकों ने उन पर कई हमले किए. इनमें राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी शामिल थे. ट्रंप ने उन्हें बार-बार ‘जिहादी’ कहा और यह भी कहा कि सीनेट में प्रवेश करने के लिए उन्हें मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ेगा.

अल-सय्यद ने मेडिकेयर फॉर ऑल जैसी प्रगतिशील नीतियों और इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता बंद करने के मुद्दे पर चुनाव प्रचार किया. उनकी उम्मीदवारी इस बात की परीक्षा बन गई थी कि क्या कोई प्रगतिशील उम्मीदवार कड़े मुकाबले वाले राज्य में जीत सकता है.

Abdul El-Sayed smiles after his victory in the US midterm elections in Detroit, Michigan | REUTERS/Brian Snyder
अब्दुल अल-सय्यद मिशिगन के डेट्रॉयट में अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में जीत के बाद मुस्कुराते हुए | रॉयटर्स/ब्रायन स्नाइडर

रिपब्लिकन ने इस चुनाव को डेमोक्रेटिक पार्टी के वामपंथी धड़े पर जनमत संग्रह के रूप में पेश करने की कोशिश की. ट्रंप ने अल-सय्यद को ‘कम्युनिस्ट’ कहा और उन पर मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड से संबंध होने का आरोप लगाया.

अल-सय्यद ने बुधवार को डेट्रॉयट स्थित मिशिगन डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्यालय में अपनी जीत का ऐलान किया. जीत के बाद अपने भाषण में उन्होंने विदेशों में अमेरिका के खर्च की आलोचना की. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे टैक्स का पैसा यहां खर्च हो, यहां के स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च हो. हम नहीं चाहते कि हमारा पैसा रंगभेद, नरसंहार या युद्ध के लिए भेजा जाए.”

उन्होंने उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस को भी एक खास संदेश दिया. संविधान के मुताबिक, जनवरी में सीनेटरों को पद की शपथ दिलाना वेंस की जिम्मेदारी है. अल-सय्यद ने कहा, “जे.डी., हबीबी, यह कितनी दिलचस्प बात है कि संविधान के मुताबिक जनवरी में आपको मुझे शपथ दिलानी होगी.”

उन्होंने ट्रंप पर भी निशाना साधा, जो चुनाव प्रचार के दौरान कई बार उनके नाम का सही उच्चारण नहीं कर पाए थे. उन्होंने कहा, “डॉनल्ड, देखिए, मुझे पता है कि आपको मेरा नाम बोलने में परेशानी हुई. इसलिए जनवरी में जे.डी. के मुझे शपथ दिलाने के बाद आप मुझे बस सीनेटर कह सकते हैं.”

मिनेसोटा में डेमोक्रेट पैगी फ्लानागन अमेरिकी सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मूल अमेरिकी महिला बनी हैं. वह अनिशिनाबे क्वे या ओजिब्वे समुदाय से हैं. यह समुदाय कनाडा और अमेरिका के ग्रेट लेक्स क्षेत्र में रहने वाले सांस्कृतिक रूप से जुड़े मूल निवासियों के समूह का हिस्सा है.

फ्लानागन ने निवर्तमान डेमोक्रेट सीनेटर टीना स्मिथ की जगह लेने के लिए हुए चुनाव में रिपब्लिकन मिशेल टाफोया के 43 प्रतिशत वोटों के मुकाबले 54 प्रतिशत वोट हासिल किए.

उनकी जीत के जश्न के दौरान व्हाइट अर्थ नेशन के ड्रम समूह ने जीत का जश्न मनाने वाला एक गीत प्रस्तुत किया.

उन्होंने कहा, “आप सभी ने मुझे अमेरिकी सीनेट के लिए चुनी जाने वाली इतिहास की पहली मूल अमेरिकी महिला बनने में मदद की है. इस बात से निराश न हों कि हममें से किसी एक को यहां तक पहुंचने में 250 साल लग गए. इस बात से प्रेरणा लें कि हमारे लोगों के संघर्ष, दृढ़ संकल्प और मुश्किलों से उबरने की ताकत के साथ आपमें से जो भी अगला व्यक्ति यहां पहुंचेगा, वह बहुत जल्दी पहुंचेगा.”

Peggy Flanagan | X
पैगी फ्लानागन | एक्स

साउथ कैरोलिना में एक डेमोक्रेट ने सीनेट की सीट पर 25 साल से चले आ रहे रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे को खत्म कर दिया. बाल रोग विशेषज्ञ एनी एंड्रयूज ने यह जीत हासिल की. उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों की पहुंच में लाने के मुद्दे को सबसे ज्यादा अहमियत दी. उन्हें ऐसे राज्य में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसे लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का सुरक्षित गढ़ माना जाता था.

उनकी प्रतिद्वंद्वी डार्लिन ग्राहम, दिवंगत रिपब्लिकन नेता लिंडसे ग्राहम की बहन हैं. इस साल जुलाई में लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद डार्लिन ने साउथ कैरोलिना के सीनेटर के तौर पर उनकी जगह ली थी.

Democrat Annie Andrews making her victory speech Tuesday | Reuters
डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज मंगलवार को अपनी जीत के भाषण के दौरान | रॉयटर्स

न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट क्रिस पैपस अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले ऐसे व्यक्ति बने हैं, जिन्होंने खुले तौर पर खुद को समलैंगिक बताया है. पैपस फिलहाल प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं. उन्होंने पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर जॉन ई. सुनुनू को हराया.

पैपस की यौन पहचान उनके चुनाव प्रचार का मुख्य मुद्दा नहीं थी. इसके बजाय उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दिया. इनमें बढ़ती कीमतें, स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च और वॉशिंगटन में भ्रष्टाचार शामिल थे. उनके पति भी चुनाव प्रचार के कुछ कार्यक्रमों में मौजूद थे.

उन्होंने अक्टूबर में द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था, “मुझे लगता है कि लोग अपनी राजनीतिक विचारधारा से अलग, बस यही चाहते हैं कि उनके पड़ोसी अपनी असली पहचान के साथ जी सकें.”

Chris Pappas and his husband pose after his victory | X
क्रिस पैपस और उनके पति जीत के बाद | एक्स

वहीं, इलिनॉय अमेरिका का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां एक ही समय में दो अलग-अलग नस्लीय समुदायों की महिलाएं सीनेट में होंगी. डेमोक्रेट जुलियाना स्ट्रैटन ने रिपब्लिकन डॉन ट्रेसी को हरा दिया है. वह 3 जनवरी 2027 को सीनेटर के रूप में शपथ लेंगी. इसके साथ ही वह मौजूदा सीनेटर टैमी डकवर्थ के साथ सीनेट में शामिल होंगी.

डकवर्थ भी कई बाधाएं पार कर इतिहास बना चुकी हैं. वह अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली थाई-अमेरिकी महिला हैं. साथ ही, वह दोनों पैर गंवाने वाली पहली महिला हैं, जिन्होंने सीनेट में सेवा दी है.

स्ट्रैटन ने आम चुनाव में ट्रेसी का सामना करने से पहले डेमोक्रेटिक प्राइमरी में कई बड़े नेताओं को हराया था. इनमें प्रतिनिधि सभा की सदस्य रॉबिन केली और राजा कृष्णमूर्ति शामिल थे.

डकवर्थ ने कहा कि यह नतीजा राज्य के लिए गर्व का पल है. उन्होंने एनबीसी शिकागो से कहा, “हमारे देश के पूरे इतिहास में पहली बार किसी राज्य ने दो अलग-अलग नस्लीय समुदायों की महिलाओं को सीनेट में भेजा है. इससे पता चलता है कि प्रतिनिधित्व कितना मायने रखता है.”

रिपब्लिकन पार्टी को सबसे बड़ा झटका टेक्सास में लगा, जहां डेमोक्रेट जेम्स टालारिको ने केन पैक्सटन को हरा दिया. इससे राज्य में 38 साल से चला आ रहा डेमोक्रेट्स का जीत का सूखा खत्म हो गया. टालारिको की जीत के साथ 1988 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने टेक्सास में अमेरिकी सीनेट की सीट जीती है. यह राज्य परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ रहा है.

पिछले साल तक बहुत कम पहचाने जाने वाले टालारिको पहले स्कूल शिक्षक थे. उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में रिपब्लिकन सरकार के कार्यकाल में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को मुख्य मुद्दा बनाया.

James Talarico speaks after his win in Texas US Senate race | Reuters
टेक्सास में अमेरिकी सीनेट चुनाव में जीत के बाद बोलते जेम्स टालारिको | रॉयटर्स

कई दशकों से टेक्सास में किसी डेमोक्रेट के राज्यव्यापी चुनाव जीतने की संभावना बहुत कम मानी जाती थी. अमेरिका का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला यह राज्य रूढ़िवादी राजनीति का गढ़ रहा है. यहां अक्सर ऐसी रिपब्लिकन नीतियों को आजमाया जाता रहा है, जिन्हें बाद में दूसरे राज्यों में भी लागू किया गया.

यह मुकाबला अमेरिकी इतिहास के सबसे महंगे सीनेट चुनावों में से एक था. इस पर आधा अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हुआ. अरबपति एलन मस्क ने पैक्सटन के चुनाव प्रचार का समर्थन करने वाली एक सुपर पीएसी को 15.8 करोड़ डॉलर दिए थे. टालारिको ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार इस रकम का जिक्र किया और चुनाव में अमीर लोगों के प्रभाव पर सवाल उठाए.

टेक्सास में लैटिना और फ्लोरिडा में अश्वेत गवर्नर

इस चुनाव में गवर्नर पद के मुकाबलों में भी कई बड़े रिकॉर्ड बने हैं.

टेक्सास ने अपनी पहली लैटिना गवर्नर चुनी है. डेमोक्रेट जीना हिनोजोसा ने तीन बार गवर्नर रह चुके रिपब्लिकन ग्रेग एबॉट को हरा दिया. इसके साथ ही राज्य के सबसे बड़े कार्यकारी पद पर रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा खत्म हो गया और एबॉट लगातार चौथी बार गवर्नर बनने से चूक गए. 1990 में एन रिचर्ड्स के चुने जाने के बाद से किसी डेमोक्रेट ने टेक्सास में गवर्नर का पद नहीं जीता था.

जीत का ऐलान होने के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए हिनोजोसा ने कहा, “आज रात हमने पूरी दुनिया को चौंका दिया. हमने दिखा दिया कि कुछ भी संभव है.”

Gina Hinojosa | X
जीना हिनोजोसा | एक्स

ओहायो में डेमोक्रेट एमी एक्टन ने भारतीय मूल के अरबपति विवेक रामास्वामी को हरा दिया. वह दो दशक में राज्य की पहली डेमोक्रेट और पहली महिला गवर्नर बनी हैं. 2000 के दशक में ओहायो चुनावी मुकाबलों का एक अहम राज्य रहा है, लेकिन हाल के राष्ट्रपति चुनावों में यह रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुका है. 2024 में यहां के मतदाताओं ने ट्रंप को 11 प्रतिशत अंकों के अंतर से जीत दिलाई थी.

इस चुनाव प्रचार के दौरान रामास्वामी की टीम की ओर से जारी एक विवादित निजी हमले वाले विज्ञापन को लेकर भी चर्चा हुई. इस विज्ञापन में एक्टन की अलग रह रही मां डोना आर्थर ने अपनी बेटी पर आरोप लगाया था कि उसने “अपनी पूरी जिंदगी झूठ बोला है”. हालांकि, विज्ञापन में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि आर्थर के पति पर एक्टन के बचपन में उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था.

चुनाव प्रचार के आखिरी हफ्तों में इस विज्ञापन की आलोचना हुई थी. साउथ कैरोलिना की पूर्व रिपब्लिकन गवर्नर निक्की हेली ने इसकी निंदा की थी, जबकि ओहायो के मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन ने इसे “बेहद परेशान करने वाला” बताया था.

वहीं, जॉर्जिया में डेमोक्रेट कीशा लांस बॉटम्स अमेरिका के इतिहास में गवर्नर चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं. अटलांटा की पूर्व मेयर 56 वर्षीय बॉटम्स ने अरबपति कारोबारी और रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराया. गुलामी, नस्लीय भेदभाव और नागरिक अधिकार आंदोलन के इतिहास से जुड़े इस राज्य में 25 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने गवर्नर का चुनाव जीता है.

चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से ही बॉटम्स ने खुद को ट्रंप का मुखर विरोधी बताया था. दो साल पहले ट्रंप ने जॉर्जिया में जीत हासिल की थी, लेकिन 2020 के चुनाव में अपनी हार पलटने की कोशिशों से जुड़े आपराधिक मामले में आरोप तय होने और राज्य के चुनावों में उनके समर्थन वाले कई उम्मीदवारों के हारने के बाद यहां उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है.

Democrat Keisha Lance Bottoms addresses supporters as she celebrates winning Georgia's race for governor and becoming the first Black woman elected governor of a US state, in Atlanta, Georgia, US | REUTERS/Taylor Edgerton
डेमोक्रेट कीशा लांस बॉटम्स जॉर्जिया के गवर्नर चुनाव में जीत का जश्न मनाते हुए. वह किसी अमेरिकी राज्य की गवर्नर चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला हैं | रॉयटर्स/टेलर एडगर्टन

बॉटम्स ने अपने चुनाव प्रचार में मतदान के अधिकार, ईरान के साथ युद्ध, महंगाई और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व को प्रमुख मुद्दा बनाया. इस साल सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद मतदान अधिकार कानून के बचे हुए कई अहम प्रावधान कमजोर हो गए थे. यह कानून नागरिक अधिकार आंदोलन की प्रमुख उपलब्धियों में से एक था. इससे पहले भी जॉर्जिया में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अश्वेत मतदाताओं के बीच मतदान तक पहुंच एक बड़ा मुद्दा बन गया था. ये प्रतिबंध पिछले चुनावों में डेमोक्रेट्स की बढ़त के जवाब में लगाए गए थे.

न्यू मैक्सिको में डेमोक्रेट डेब हालांड अमेरिका के इतिहास में गवर्नर चुनी जाने वाली पहली मूल अमेरिकी महिला बन गई हैं. उन्होंने पूर्व मेयर और रिपब्लिकन उम्मीदवार ग्रेग हल को हराया. हालांड के लिए यह जीत उनके राजनीतिक करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है. 2018 में कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली दो मूल अमेरिकी महिलाओं में शामिल होने के बाद वह बाइडन सरकार में आंतरिक मामलों के विभाग की प्रमुख बनीं और पहली मूल अमेरिकी कैबिनेट सचिव बनीं.

हाल ही में एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि उनकी अलग-अलग राजनीतिक पहचानों का क्या महत्व है, तो उन्होंने कहा, “मेरा मतलब है, किसी को तो पहला होना ही होगा. मैं बस यह नहीं चाहती कि मैं आखिरी रहूं, है न?”

इस बीच, फ्लोरिडा ने अपना पहला अश्वेत गवर्नर चुना है. बायरन डोनाल्ड्स इस चुनाव में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने वाले उम्मीदवारों की सूची में शामिल एकमात्र रिपब्लिकन हैं.

ट्रंप के समर्थन से चुनाव लड़ रहे डोनाल्ड्स ने करीबी मुकाबले में डेमोक्रेट डेविड जॉली को हराया. वह फ्लोरिडा के 19वें जिले (दक्षिण-पश्चिम फ्लोरिडा, जिसमें नेपल्स भी शामिल है) से तीन बार कांग्रेस सदस्य रह चुके हैं. जीत के बाद अपने बयान में डोनाल्ड्स ने समर्थकों का धन्यवाद किया और लोगों के लिए जीवनयापन को आसान बनाने, सड़कों को सुरक्षित रखने और ‘फ्लोरिडा ड्रीम’ की रक्षा करने का वादा किया.

उन्होंने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, मैं चाहता हूं कि आप फ्लोरिडा की आवाज सुनें. हम अब भी रिपब्लिकन राज्य हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि फ्लोरिडा पूरे अमेरिका का सबसे अच्छा राज्य बना रहे.”

Byron Donalds, 48, is a three-term Congressman representing Florida’s 19th District. Image: @Byron Donalds/Facebook
48 वर्षीय बायरन डोनाल्ड्स फ्लोरिडा के 19वें जिले से तीन बार कांग्रेस सदस्य रह चुके हैं. तस्वीर: @Byron Donalds/फेसबुक

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भी कई नए रिकॉर्ड

डेमोक्रेट प्रतिनिधि सभा यानी निचले सदन की 441 सीटों में से कम से कम 258 सीटें जीतने की स्थिति में हैं. यहां भी कई उम्मीदवारों ने पहली बार इतिहास बनाया है.

एलिसन मॉन्टगोमरी ने अलबामा के स्टेट हाउस डिस्ट्रिक्ट 25 का चुनाव जीतकर यह सीट रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली. वह अलबामा की विधानसभा के लिए चुनी जाने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बनी हैं.

अबियर कवास न्यूयॉर्क राज्य की विधानसभा में हिजाब पहनने वाली पहली फिलिस्तीनी-अमेरिकी महिला बनी हैं. वह अमेरिका के अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में चुने जाने वाले कुछ फिलिस्तीनी-अमेरिकियों में भी शामिल हैं. कवास डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका की सदस्य हैं. पिछले साल इसी संगठन के सदस्य जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुनाव जीतने के बाद संगठन को चुनावों में बड़ी सफलता मिली थी.

वकील और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट मेलाट किरोस ने कोलोराडो के पहले कांग्रेसनल जिले का चुनाव जीता. वह प्रतिनिधि सभा में इस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली अश्वेत महिला बनी हैं. 29 साल की उम्र में वह सदन की सबसे युवा सदस्यों में से एक हैं.

सेना के पूर्व कॉम्बैट सर्जन एडम हमावी ने न्यू जर्सी के 12वें कांग्रेसनल जिले का चुनाव जीता. वह कांग्रेस में इस राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले मुस्लिम हैं.

पहली पीढ़ी की भारतीय-अमेरिकी शिक्षिका पिया दांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले का चुनाव जीता. वह कांग्रेस में फ्लोरिडा का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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