नई दिल्ली: पाकिस्तान की शासन व्यवस्था “ढह गई है” और अब यह देश के बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक संकटों से निपटने में सक्षम नहीं है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने गुरुवार को यह बात कही. सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के करीबी माने जाने वाले नकवी ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान के “कॉकरोच” एकजुट हो जाएं तो वे देश को पलट सकते हैं.
शिया होने के कारण नकवी पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था में एक अलग जगह रखते हैं. वह पड़ोसी ईरान के साथ पाकिस्तान के संबंधों में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में इस्लामाबाद की मध्यस्थता की कोशिशों के बीच उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
इस्लामाबाद में पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट में बोलते हुए नकवी ने देश में सुधार लाने के लिए अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयां बनाने की मांग की. उन्होंने पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव दिया और कहा कि देश को और ज्यादा प्रशासनिक इकाइयां बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, चाहे उन्हें प्रांत कहा जाए या कोई दूसरा नाम दिया जाए. उन्होंने सरकार के निचले स्तरों तक ज्यादा अधिकार देने की भी मांग की. उनका कहना था कि सत्ता के विकेंद्रीकरण से शासन बेहतर होगा और विकास की रफ्तार बढ़ेगी.
उन्होंने कहा, “हम जिस व्यवस्था के तहत रह रहे हैं, वह ढह गई है, चाहे आप इससे सहमत हों या नहीं. इस व्यवस्था के जरिए समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता. अगर यह व्यवस्था जारी रहती है, तो 10 साल बाद भी हम यहीं बैठकर उन्हीं मुद्दों पर चर्चा कर रहे होंगे.”
नकवी ने दावा किया कि वह लोकतंत्र के समर्थक बने हुए हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं अलग-अलग संस्थागत रूप ले सकती हैं. साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान में राष्ट्रपति प्रणाली अपनाने की संभावना को खारिज कर दिया और कहा कि मौजूदा सरकार अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा करेगी.
युवाओं में बेरोजगारी के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि युवा पाकिस्तानी आर्थिक मदद के बजाय योग्यता के आधार पर अवसर चाहते हैं. उन्होंने कहा, “हम अब युवाओं को 10,000 की सैलरी या टैबलेट देकर खुश नहीं कर सकते. उन्हें युवा कहें, कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें—अगर ये कॉकरोच एकजुट हो जाएं, तो वे सब कुछ पलट सकते हैं. इसलिए यह जरूरी है कि हम उनकी इच्छाएं पूरी करें और वे सिर्फ योग्यता के आधार पर रोजगार चाहते हैं.”
उन्होंने पाकिस्तान पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि संस्थागत सुधार किए बिना लगातार कर्ज लेने से देश की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ेंगी.
उन्होंने कहा, “हम संघीय बजट को घाटे वाला बनाते हैं. सभी राजनीतिक दल यह जानते हैं, लेकिन कोई इसे बदलना नहीं चाहता. हम लगातार और ज्यादा कर्ज लेते रहते हैं, अपना कर्ज बढ़ाते रहते हैं, चाहे आप इसे संतुलित करने की कितनी भी कोशिश करें. व्यवस्था को फिर से ठीक करने की जरूरत है और सभी राजनीतिक दलों को साथ आकर नई प्रशासनिक इकाइयों से बात करनी होगी, वरना कुछ नहीं बदलेगा.”
नकवी ने कहा, “शहबाज शरीफ 14-18 घंटे काम करते हैं, लेकिन हम चाहे जो भी करें, हम लगातार संकट से निपटने की स्थिति में हैं.”
बाद में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में गृह मंत्री ने कहा कि सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की कोशिशों से लंबे समय तक कोई नतीजा नहीं निकलेगा, जब तक राजनेता पाकिस्तान की शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव के लिए एकजुट नहीं होते. नकवी ने कहा, “जब तक राजनेता देश की व्यवस्था को ठीक नहीं करते, तब तक फील्ड मार्शल की मेहनत का कोई फायदा नहीं होगा.” उन्होंने कहा कि मुनीर बार-बार कह चुके हैं कि वह लोकतंत्र को पटरी से उतरने नहीं देंगे.
उन्होंने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के बारे में बात की, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों और हिंसा का कोई जिक्र नहीं किया, जहां पाकिस्तान सेना द्वारा 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
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