नई दिल्ली: सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर भारतीय जनता पार्टी के सबसे ज्यादा दिखने वाले चेहरों में से एक शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को अपने एक्स बायो से बीजेपी का पूरा ज़िक्र हटा दिया. इसके बाद उनके पार्टी से इस्तीफा देने की अटकलें लगने लगी हैं.
उनके नए बायो में अब लिखा है, “Religion, Islam, Culture, Hindu, ideology-Bhartiya, Author: GST ki Yatra; Lifelong follower of PM Narendra Modi.”
पूनावाला ने एक्स पर अपने बदले हुए बायो का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. अपने नए बायो में पूनावाला ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “लाइफलॉन्ग फॉलोअर ऑफ पीएम नरेंद्र मोदी” बताया है.
हालांकि, उनके इंस्टाग्राम के मौजूदा बायो में अभी भी “बीजेपी स्पॉक्सपर्सन” लिखा है.
पूनावाला दिसंबर 2017 में कांग्रेस छोड़ने के बाद बीजेपी में शामिल हुए थे. उनके बायो में किए गए बदलाव से सवाल उठे हैं क्योंकि कुछ दिन पहले उन्होंने संकेत दिया था कि अब सक्रिय राजनीति से आगे बढ़ने का समय आ गया है.
शुक्रवार को उन्होंने उन इंटरव्यू के वीडियो दोबारा शेयर किए, जिनमें उन्होंने ये बातें कही थीं.
Many people are surprised that i have said it’s TIME TO MOVE ON FROM ACTIVE POLITICS!
This is not something i announced or thought of this month while talking to @payalmehta100 & @_pallavighosh
Back in 2024 & 2025 in my podcasts to @JagranNews had already expressed the same… https://t.co/gdVPTwcmx6 pic.twitter.com/HaFmmF55Q5
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) July 9, 2026
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) July 30, 2026
पढ़ाई से वकील रहे पूनावाला ने 2017 में तब सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को तय बताया था और दावा किया था कि राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए यह प्रक्रिया उनके पक्ष में तय की गई थी. इस विवाद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी.
दिप्रिंट ने उस समय रिपोर्ट किया था कि कांग्रेस छोड़ते समय उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल के सार्वजनिक रूप से विरोध करने से पहले राहुल के कार्यालय से संपर्क करने की बार-बार कोशिश के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया.
पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष चुनाव पर हमला बोलने के लिए उनके दावों का इस्तेमाल किया था. शहजाद राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला के भाई हैं. दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद तब सामने आए थे, जब शहजाद ने कांग्रेस नेतृत्व के आंतरिक चुनावों की खुलकर आलोचना की थी. इसके बाद तहसीन ने उनसे दूरी बना ली थी.
बीजेपी प्रवक्ता पुणे से हैं और एक संपन्न आगा खान मुस्लिम परिवार से आते हैं. उन्होंने 2008 में कांग्रेस के लिए काम करना शुरू किया था. पूनावाला ने कानून की पढ़ाई की और कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी के साथ इंटर्नशिप की. इसके बाद वह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) में वॉलंटियर के तौर पर जुड़े. 2008 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की मीडिया रिसर्च टीम के साथ इंटर्नशिप की.
वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया की पुणे इकाई के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और एआईसीसी के मीडिया सेल में भी काम कर चुके हैं. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह बीजेपी में शामिल हुए, जहां पहले उन्हें राज्य स्तर की जिम्मेदारी दी गई और बाद में राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: 15 साल पहले पैलेट गन को जानलेवा बताया गया था, समितियों के जाल में कैसे फंसे रह गए सुधार