काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के मुद्दों पर कूटनीतिक कोशिशों को संस्थागत रूप देने और मज़बूत करने के लिए एक पर्यावरण कूटनीति अनुभाग बनाया है. मंत्रालय ने रविवार को यह बात कही.
एक बयान के मुताबिक, नेपाल पर जलवायु परिवर्तन का असर बढ़ रहा है और इसके लिए असरदार और काफ़ी जवाब की ज़रूरत है. इसी को देखते हुए मंत्रालय में यह अनुभाग पहली बार बनाया गया है.
यह कदम 26 अगस्त की उन तबाही मचाने वाली बाढ़ों की पृष्ठभूमि में आया है, जिनमें नेपाल में 1,400 से ज़्यादा लोग मारे गए और करीब 6,000 और लोग लापता हो गए. इससे जलवायु से पैदा होने वाली आपदाओं का बढ़ता ख़तरा सामने आया है.
मंत्रालय ने बताया कि नया पर्यावरण कूटनीति अनुभाग संयुक्त राष्ट्र और उसकी विशेष एजेंसियों से जुड़े मामले देखने वाले विभाग के तहत काम करेगा और इसकी अगुवाई एक अवर सचिव करेंगे.
यह अनुभाग जलवायु और पर्यावरण के मुद्दों पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और कार्यक्रमों में नेपाल की भागीदारी में मदद करेगा और संबंधित राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बनाएगा.
मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे सक्रिय रूप से उठाता रहा है.
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि जलवायु कूटनीति सिर्फ़ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे लंबे वक़्त की और संस्थागत सोच के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
मंत्रालय ने कहा कि नया अनुभाग नेपाल की जलवायु और पर्यावरण की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए तालमेल और संस्थागत व्यवस्था को मज़बूत करेगा.
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