मैनचेस्टर [यूके]: ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी लोगों ने मैनचेस्टर में एक बड़ा प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे समुदाय के सदस्यों के मुताबिक, उन्हें पता चला था कि संघीय मंत्री फजल चौधरी एक स्थानीय कम्युनिटी सेंटर में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं.
इस प्रदर्शन में कश्मीरी प्रवासी समुदाय के लोग शामिल हुए. उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में गंभीर मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताओं की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने आजादी पर कथित पाबंदियों, गिरफ्तारियों, सुरक्षा अभियानों और आम नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग पर आपत्ति जताई.
अपनी चिंताओं को बताने वाले संदेशों के साथ प्रदर्शनकारियों ने कश्मीरी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों पर ज्यादा जवाबदेही की मांग की. उन्होंने हत्या, जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियों और दूसरे कथित उल्लंघनों की रिपोर्ट की गई घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका अभियान पूरे पाकिस्तानी लोगों के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नीतियों और कार्रवाइयों के खिलाफ है, जिनके बारे में उनका मानना है कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों पर बुरा असर डाला है. उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन राजनीतिक और मानवाधिकार से जुड़ी चिंताओं को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखने के लिए किया गया.
प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि PoJK में लगातार जारी सुरक्षा उपायों की वजह से आम नागरिकों में डर और मुश्किलें बढ़ी हैं. उन्होंने रिपोर्ट की गई गिरफ्तारियों, छापों, आने-जाने और बातचीत पर पाबंदियों और कथित धमकियों का जिक्र किया. उनके मुताबिक, इन मुद्दों की ज्यादा गहराई से जांच की जरूरत है.
प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटिश सरकार, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर ज्यादा ध्यान देने की अपील की. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कथित अत्याचारों की विश्वसनीय जांच में मदद करने और जहां उल्लंघन साबित हों, वहां जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बनाने की मांग की.
आयोजकों ने मैनचेस्टर में हुए इस प्रदर्शन को पूरे यूनाइटेड किंगडम में कश्मीरी समुदायों की ओर से चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा बताया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी चिंताएं उठाते रहेंगे.
प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटेन के कानूनों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई. उन्होंने कहा कि आगे होने वाले प्रदर्शन कानून के दायरे में ही रहेंगे.
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