(अदिति खन्ना)
लंदन, पांच अगस्त (भाषा) आयरलैंड में 23 वर्षों से रह रहे भारतीय मूल के एक टैक्सी चालक पर राजधानी डबलिन में बिना किसी उकसावे के हमला किया गया। हमलावरों ने चिल्लाते हुए पीड़ित से कहा कि ‘‘अपने देश वापस जाओ।’’
स्थानीय पुलिस (गार्डाई) ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित लखवीर सिंह (40) ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उन्होंने शुक्रवार की रात 20 वर्ष की आयु के दो युवकों को टैक्सी में बैठाया और डबलिन के बैलीमन उपनगर स्थित पॉपिनट्री छोड़ दिया।
सिंह के मुताबिक, गंतव्य पर पहुंचने के बाद दोनों युवकों ने गाड़ी का दरवाजा खोला और उनके सिर पर एक बोतल से दो बार वार किया। उन्होंने बताया कि संदिग्धों ने भागते समय चिल्लाते हुए कहा, ‘‘अपने देश वापस जाओ।’’
सिंह ने ‘डबलिन लाइव’ से कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। मैं अब बहुत डरा हुआ हूं और इस वक्त टैक्सी चलाना छोड़ दिया है। दोबारा सड़क पर लौटना मुश्किल होगा। मेरे बच्चे भी डरे हुए हैं।’’
डबलिन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि सिंह को ब्यूमोंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उनकी चोटें गंभीर प्रकृति की नहीं हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया, ‘‘एक अगस्त 2025 की रात करीब 11:45 बजे बैलीमन स्थित पॉपिनट्री में एक टैक्सी चालक पर हमले की सूचना मिली, जिसकी जांच गार्डाई पुलिस कर रही है। 40 साल के पीड़ित को इलाज के लिए ब्यूमोंट अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच की जा रही है।’’
यह घटना भारतीय दूतावास की ओर से शुक्रवार को जारी उस परामर्श के तुरंत बाद हुई, जिसमें राजधानी डबलिन और उसके आसपास हालिया हमलों के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी।
दूतावास ने कहा था, “हाल के समय में आयरलैंड में भारतीय नागरिकों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। हम स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और विशेषकर अकेले और सुनसान इलाकों में देर रात बाहर न निकलें।’’
इस घटना से पहले 19 जुलाई को डबलिन के टालगट इलाके में 40 वर्षीय एक भारतीय नागरिक पर नस्ली हमला हुआ था। घटना के विरोध में प्रवासी भारतीय समुदाय ने ‘‘स्टैंड अगेंस्ट रेसिज्म’ नाम से एक प्रदर्शन भी आयोजित किया था।
कृत्रिम मेधा (एआई) विशेषज्ञ डॉ. संतोष यादव ने पिछले सप्ताह एक “बर्बर, नस्ली हमले” की जानकारी ‘लिंक्डइन’ पर साझा की थी। उन्होंने बताया कि एक दिन जब वह अपने अपार्टमेंट की ओर जा रहे थे, तो छह किशोरों ने उन पर पीछे से हमला किया था।
यादव ने कहा, “यह कोई अकेली घटना नहीं है। डबलिन में भारतीयों और अन्य अल्पसंख्यकों पर नस्ली हमले बढ़ रहे हैं। सरकार चुप है, कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।’’
टालगट साउथ से फाइन गेल पार्टी के काउंसिलर बेबी परेप्पडन ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को समझना चाहिए कि अधिकतर भारतीय आयरलैंड में कार्य परमिट पर आए हैं और स्वास्थ्य देखभाल या सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। वे देश के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।’’
भाषा
गोला पारुल
पारुल
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