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Friday, 21 August, 2026
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अस्पताल ले जाए गए इमरान खान, ‘मेडिकली फिट’ बताकर वापस जेल भेजे गए

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में ही रहना था. सोशल मीडिया पर दिख रहे वीडियो में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का शुक्रवार तड़के अस्पताल का अचानक दौरा मेडिकल जांच के बाद कुछ ही घंटों में खत्म हो गया. कोर्ट के मेडिकल सुविधा देने के आदेश और पाकिस्तान सरकार के इनकार के बीच, 73 वर्षीय इमरान खान को रात में कड़ी सुरक्षा के बीच अदियाला जेल से बाहर लाया गया, उनकी जांच की गई और फिर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.

सोशल मीडिया पर आए वीडियो में खान कड़ी सुरक्षा के बीच एक एंबुलेंस से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में रहना था.

सरकारी अधिकारियों ने शुरुआत में कहा था कि उनकी जांच इस्लामाबाद के निजी अस्पताल शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में की गई थी. लेकिन बाद में सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि जांच पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी PIMS में हुई, जो सरकारी अस्पताल है.

तरार ने कहा कि डॉक्टरों ने खान को “मेडिकली फिट” पाया. उनकी बहन उजमा खान भी मौजूद थीं. करीब सुबह 5 बजे खान को वापस अदियाला जेल भेज दिया गया.

अधिकारियों ने जगह बदलने की वजह सुरक्षा से जुड़ी चिंता बताई. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शिफा अस्पताल के बाहर खान के समर्थक जमा हो गए थे.

यह घटना मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें अधिकारियों को खान को दो दिनों के भीतर शिफा अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट ने कहा था कि जेल में होने के बावजूद कैदियों को मानवीय व्यवहार और जरूरी मेडिकल इलाज पाने का अधिकार है.

खान के परिवार ने उनकी सेहत को लेकर कई बार चिंता जताई है. खासकर इस साल की शुरुआत में सामने आई उनकी आंख की समस्या को लेकर. उनकी दाईं आंख की केंद्रीय रेटिनल नस में यह समस्या बताई गई थी. सरकार का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री को पर्याप्त मेडिकल इलाज मिल रहा है और उसने इन आरोपों से इनकार किया है कि अधिकारी जानबूझकर उनकी सेहत की अनदेखी कर रहे हैं.

गुरुवार को यह विवाद और बढ़ गया, जब सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने खान को अस्पताल भेजने के आदेश को पलटने की मांग करने वाली सरकार की याचिका वापस कर दी. बताया गया कि अधूरे दस्तावेजों के कारण याचिका वापस की गई. सरकार से उम्मीद है कि वह इसे दोबारा दाखिल करेगी.

गुरुवार देर रात शिफा अस्पताल के आसपास सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई थी. इस्लामाबाद पुलिस के एक आदेश के मुताबिक, अस्पताल और उसके आसपास की सड़कों पर करीब 800 पुलिसकर्मियों और दूसरे कानून-व्यवस्था से जुड़े जवानों को तैनात किया गया था.

खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और पाकिस्तान की राजनीति में एक अहम चेहरा बने हुए हैं. उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव जारी है. वह 19 करोड़ पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं. इसके अलावा उनके खिलाफ कई दूसरे कानूनी मामले भी चल रहे हैं.

इसी बीच, एक दूसरी घटना में, देश के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक नए डिफेंस एक्ट के जरिए सेना के बढ़ते दखल को और मजबूत किया. यह कानून पिछले साल हुए संवैधानिक संशोधनों के बाद पिछली तारीख से लागू होगा. गुरुवार को नेशनल असेंबली में विपक्ष के बहिष्कार के बीच इसे सिर्फ आधे घंटे में पास कर दिया गया.

इसी दिन जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान, नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता महमूद खान अचकजई और सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास के बीच सैद्धांतिक रूप से एक “संयुक्त विपक्ष” बनाने पर सहमति बनी.

बैठकों में शामिल नेताओं ने नेशनल असेंबली और सीनेट में विपक्ष के प्रति “सरकार के रवैये और व्यवहार” को लेकर चिंता जताई और इसकी निंदा की, डॉन ने रिपोर्ट किया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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