नई दिल्ली: कुछ लोग हथियारों के कारोबार में शामिल थे, तो कुछ नशीले पदार्थों के कारोबार में. कुछ लोग पहले ही पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी की बातों से प्रभावित होकर उसके विचारों को मानने लगे थे और उसके आदेश का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि कई लोग सोशल मीडिया पर उसके पक्के फॉलोअर थे और लगातार इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) समर्थित आतंकी नेटवर्क के मुखिया से संपर्क में रहते थे. राजधानी के 51 युवा पुरुषों के लिए भट्टी से जुड़ने के ये सभी रास्ते तब खत्म हो गए, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 24 घंटे की एक विशेष कार्रवाई में उन्हें पकड़ लिया.
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े अभियान का हिस्सा रही दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई आसान नहीं थी. इसमें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नज़र रखना, हर जानकारी पर नज़र रखना और भट्टी गैंग के सदस्यों के सभी साथियों की पूरी तरह से निगरानी करना शामिल था.
स्वतंत्रता दिवस से पहले स्पेशल सेल ने ब्राजील में रहने वाले पाकिस्तानी गैंगस्टर और ISI समर्थित भट्टी के सभी फॉलोअर्स और साथियों के नामों की पूरी सूची तैयार की. गृह मंत्रालय ने हाल ही में उसे आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया है. इसकी वजह देशभर में उसका बढ़ता नेटवर्क और कई आतंकी घटनाओं में उसकी कथित भूमिका है.
मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 11 और 12 अगस्त के बीच एक साथ कार्रवाई की गई. अधिकारी ने कहा, “स्पेशल सेल की सभी यूनिट को उन लोगों की सूची दी गई थी, जिन्हें पकड़ा जाना था.” इस सूची में भट्टी के साथ अलग-अलग तरह से जुड़े लोगों के नाम थे. अधिकारी ने बताया कि 24 घंटे के अंदर पुलिस की कई टीमों ने दिल्ली के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और बाहरी जिलों से 51 लोगों को पकड़ लिया.
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग “युवा, बेरोजगार पुरुष थे, जिनके मजबूत संबंध थे और जो आपराधिक गतिविधियों से जुड़े थे.” उन्होंने कहा, “उनके अपराधों के आधार पर इन लोगों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया और एक-एक करके पूछताछ की गई. इसके बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया और दूसरों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई.”
एक अन्य सूत्र के अनुसार, पुलिस ने सबसे पहले भट्टी के उन साथियों से पूछताछ की, जो हथियारों के कारोबार में शामिल थे. दूसरे अधिकारी ने कहा, “हमने भट्टी के हथियार रखने वाले सभी साथियों को गिरफ्तार किया और कई पिस्तौल, कारतूस और पाकिस्तान में बने ग्रेनेड बरामद किए. उनसे पूछताछ की गई ताकि हथियारों के कारोबार के रास्ते का पता लगाया जा सके.” इसके बाद उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल कई लोगों को भी गिरफ्तार किया.
अधिकारी ने कहा, “हमने ऐसे कई लोगों की पहचान की थी, जिन्हें भट्टी अपने विचारों से प्रभावित कर रहा था. इन लोगों ने अभी तक कोई अपराध नहीं किया था, लेकिन वे भट्टी के आदेश का इंतजार कर रहे थे.”
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों को बताया गया था कि हर आपराधिक काम के लिए उन्हें 3,000 से 5,000 रुपये दिए जाएंगे.
पुलिस ने दिनभर चले इस अभियान के दौरान भट्टी के सोशल मीडिया पर मौजूद कई ऐसे फॉलोअर्स की भी पहचान की, जो उसके साथ लगातार संपर्क में थे. अधिकारी ने कहा, “इनमें से ज्यादातर लोग दिल्ली के युवा, बेरोजगार पुरुष हैं, जो भट्टी की शानदार ज़िंदगी और अपराध की दुनिया में उसकी हैसियत से प्रभावित थे.”
हर मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस ने संपत्ति जब्त करने, तीन साल तक अच्छे व्यवहार के लिए बॉन्ड भरवाने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत एहतियाती गिरफ्तारी जैसे कदम भी उठाए.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: EXCLUSIVE: पाकिस्तान में बना Nokia फोन NIA के लिए शहजाद भट्टी के अंबाला ब्लास्ट से जुड़ने का सबूत है