( सागर कुलकर्णी )
वाशिंगटन, 23 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर सर्वेक्षण करने का दावा करने वाली एक संस्था ने अपने आंकड़े गढ़ने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उसने यह पता लगाने के लिए एक प्रयोग किया था कि क्या मीडिया संस्थान और सर्वेक्षणों के आंकड़े जुटाकर प्रकाशित करने वाले मंच इन आंकड़ों को प्रकाशित करेंगे।
‘वेजवुड पोलिंग’ ने सर्वेक्षण के आंकड़े गढ़ने की बात स्वीकार करते हुए आरोप लगाया कि ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘फिफ्टी प्लस वन’ सहित सर्वेक्षणों के आंकड़े जुटाने वाले मंचों ने उसके नतीजों का इस्तेमाल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच नहीं की। हालांकि, दोनों मीडिया संस्थानों ने इस आरोप को खारिज कर दिया।
यह संस्था जून से सर्वेक्षण जारी कर रही थी जिसके कारण एक उम्मीदवार, मिशिगन की राज्य सीनेटर मैलोरी मैकमोरो को अमेरिकी सीनेट के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव से हटने पर मजबूर होना पड़ा।
मैकमोरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इन सर्वेक्षणों में शामिल एक उम्मीदवार के तौर पर जिनमें कि जून के आखिर में आए उस कुख्यात सर्वेक्षण में, जिसमें मेरा समर्थन घटकर एक अंक में पहुंचता दिखाया गया था, जबकि हमारी आंतरिक समीक्षा के आंकड़े इससे अलग थे—मैं बता सकती हूं कि इस ‘प्रयोग’ का क्या असर हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चंदे मिलने बंद हो गए, स्वयंसेवक निराश हो गए और यह मार्गदर्शन मांगने लगे कि उन्हें क्या करना चाहिए। पत्रकारों ने भी फोन करके चुनाव से हटने के लिए मुझ पर दबाव बनाया।’’
‘वेजवुड पोलिंग’ ने यह स्वीकारोक्ति तब की, जब सर्वेक्षणों के आंकड़े जुटाने वाले मंच फिफ्टी प्लस वन ने मिसिसिपी के लिए उसके सर्वेक्षणों पर सवाल उठाए। इस मंच ने उसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए अपना सर्वेक्षण किया, जिसका इस्तेमाल ‘वेजवुड पोलिंग’ ने किया था। इस सर्वेक्षण से उसके संदेह की पुष्टि हुई।
‘वेजवुड पोलिंग’ ने सर्वेक्षण के आंकड़े गढ़ने की बात स्वीकार करते हुए सर्वेक्षण उद्योग में बड़े सुधारों की मांग की।
संस्था ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया खाते पर जारी बयान में कहा, ‘‘हम एक साधारण परिकल्पना की जांच करना चाहते थे: एक पूरी तरह से फर्जी सर्वेक्षण संस्था के लिए अपनी पहचान बनाना, गंभीरता से लिया जाना और यह उजागर करना कितना आसान है कि मीडिया तथा सार्वजनिक चर्चाओं में जांच-पड़ताल कितनी कम होती है? संक्षिप्त जवाब है—यह बहुत ज्यादा आसान है।’’
संस्था ने दावा किया कि उसके फर्जी सर्वेक्षणों को राष्ट्रीय स्तर के मीडिया मंचों ने भी अपने यहां जगह दी।
‘वेजवुड पोलिंग’ की स्वीकारोक्ति के एक दिन बाद अमेरिकी संघीय संचार आयोग के प्रमुख ब्रेंडन कैर ने कहा कि फर्जी सर्वेक्षण प्रसारित करने से टेलीविजन नेटवर्क अपने नियामकीय दायित्वों का उल्लंघन कर सकते हैं।
कैर ने बुधवार को ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रसारकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी खबरें प्रसारित करने से बचें जो समाचारों को विकृत करती हों या प्रसारण के जरिए धोखाधड़ी का मामला बनती हों। ऐसे सर्वेक्षण प्रसारित करना उनके नियामकीय दायित्वों का उल्लंघन कर सकता है।’’
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने मंगलवार रात इन सर्वेक्षणों को अपनी वेबसाइट से हटा दिया। अखबार ने संपादकीय टिप्पणी जारी कर बताया कि उसने अपनी उस सूची में वेजवुड के 15 सर्वेक्षण शामिल किए थे, जिसमें मध्यावधि चुनावों के लिए प्रमुख सर्वेक्षणों को दर्ज किया जाता है।
अखबार ने कहा कि उसने वेजवुड के सर्वेक्षणों को शामिल करने से पहले संस्था से उसके सर्वेक्षणकर्ताओं की पहचान, कार्यप्रणाली और वित्तपोषण को लेकर कई विस्तृत सवाल पूछे थे और संस्था ने उनके जवाब दिए थे।
वेजवुड पोलिंग का ‘एक्स’ खाता जून 2026 में बनाया गया था और अब उस पर त्रुटि (एरर) का संदेश दिखाई देता है।
भाषा मनीषा वैभव
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