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Tuesday, 28 April, 2026
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राजपक्षे के वफादारों को श्रीलंका से भागने से रोकने के लिये प्रदर्शनकारियों ने हवाईअड्डा जाने वाली सड़क पर चौकी बनाई

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कोलंबो, 10 मई (भाषा) श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को राजपक्षे परिवार के वफादारों को देश से भागने से रोकने के लिए कोलंबो में भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बीआईए) की ओर जाने वाली सड़क पर एक जांच चौकी स्थापित की।

देश के सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर देश में सरकार के खिलाफ हिंसा और व्यापक प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी है।

श्रीलंका में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के बीच महिंदा राजपक्षे (76) ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे कुछ ही घंटों पहले, उनके समर्थकों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था, जिसके कारण प्राधिकारियों को राजधानी में सैन्य बलों को तैनात करना पड़ा और राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस हमले के बाद राजपक्षे समर्थक राजनेताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई।

‘न्यूज फर्स्ट’ चैनल की खबर के मुताबिक, “काटूनायके हवाईअड्डे की तरफ जा रही सड़क पर लोगों के एक बड़े समूह ने जांच चौकी स्थापित की है। वे सत्ताधारी धड़े के वफादारों को देश छोड़कर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।”

कोलंबो में बीआईए को स्थानीय तौर पर काटूनायके हवाईअड्डा कहा जाता है।

महिंदा ने अपनी पत्नी व परिवार के साथ आधिकारिक निवास-टेंपल ट्रीज- छोड़ दिया और श्रीलंका के पूर्वोत्तर तट पर स्थित बंदरगाह शहर ट्रिंकोमाली के नौसैनिक अड्डे पर शरण ली है।

‘टेंपल ट्रीज’ में घुसने की कोशिश कर रही भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने सोमवार की रात आंसू गैस के गोले छोड़े। मंगलवार सुबह महिंदा और उनके परिवार को आधिकारिक आवास से निकालने के दौरान भीड़ को पीछे रखने के लिये पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े तथा चेतावनी के तौर पर हवा में गोलियां चलानी पड़ीं।

महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के वहां पहुंचने की खबरों के बाद त्रिंकोमाली नौसैनिक अड्डे के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। सोमवार को, प्रदर्शनकारियों ने हंबनटोटा में राजपक्षे के पैतृक घर, 14 पूर्व मंत्रियों, 18 सांसदों और राजपक्षे परिवार के प्रति वफादार नेताओं के घरों पर हमला किया।

अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक इस बीच हाल की झड़पों में घायल हुए लोगों की संख्या बढ़कर 249 हो गई है जबकि सात लोगों की मौत हुई है।

राष्ट्रीय अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि संघर्ष में घायल हुए 232 लोगों को अब तक इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायलों में से पांच का फिलहाल गहन चिकित्सा इकाई में इलाज चल रहा है।

भाषा

प्रशांत उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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