नागोया, 22 अक्टूबर (भाषा) थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की भारतीय जोड़ी ने बृहस्पतिवार को यहां चीन के ली मिंगपान और शियाओ ज़ुक्सियन को हराकर एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता के मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 फाइनल में प्रवेश किया, जबकि देश की दो अन्य जोड़ियों को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
थुलासिमथी और नितेश ने इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में चीनी जोड़ी को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित किया। यह मैच 42 मिनट तक चला।
थुलासिमथी ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं। अब हमें अपना पूरा ध्यान फाइनल पर केंद्रित करना होगा।’’
नितेश ने कहा, ‘‘हम इनमें से अधिकतर खिलाड़ियों के खिलाफ पहले कई बार खेल चुके हैं और उनके मजबूत पक्ष को जानते हैं। इसलिए हमें यह पता था कि हमें प्रत्येक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कैसे खेलना है। बीच में हमारा ध्यान थोड़ा भटक गया और हमने कुछ गलतियां कर दीं, लेकिन अच्छी बात यह थी कि तीसरे सेट की शुरुआत में हमने अपनी लय वापस पा ली।’’
फाइनल दो भारतीय जोड़ियों के बीच हो सकता था लेकिन मनीषा रामदास और प्रमोद भगत इंडोनेशिया की लीनी रात्रि ओक्टिला और हिकमत रामदानी से 21-16, 13-21, 17-21 से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत के कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवान ने भी मिश्रित युगल एसएच6 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की रीना मर्लिना और सुभान से 14-21, 18-21 से हारने के बाद कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया।
थुलासिमथी महिला युगल एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। शुक्रवार को स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले में उनका और मानसी जोशी का सामना चीन की यांग किउक्सिया और शियाओ ज़ुक्सियन से होगा।
नितेश पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुह अल इमरान का सामना करेंगे।
पैरा बैडमिंटन में एसएल3 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं और आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं। एसयू श्रेणी के खिलाड़ी ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं। इन दोनों श्रेणियां के खिलाड़ियों को एक साथ उतारा जाता है।
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