नई दिल्ली: स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत के सातवें दिन रिहा करने का आदेश दिया है.
दास और रांका को जंतर-मंतर में तिरंगा लेकर घुसने के बाद हिरासत में लिया गया था. उस समय जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था. मामले से जुड़े वकीलों ने पुष्टि की कि दोनों को तिहाड़ जेल से रिहा किया जाएगा.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 187(6) के मुताबिक, एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट किसी आरोपी की हिरासत कुल मिलाकर सात दिनों से ज्यादा बढ़ाने का आदेश नहीं दे सकता. बुधवार को दोनों की हिरासत के सात दिन पूरे हो गए थे.
तिहाड़ जेल के अधीक्षक को उनकी रिहाई का आदेश देते हुए भेजे गए पत्र में लिखा था, “निजी मुचलका, जमानतदारों का बांड और शांति बनाए रखने का बांड स्वीकार कर लिया गया है.”
SEM ऋतु राज ने सोमवार को दोनों की पांच दिन की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी थी. सोमवार शाम 4 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में सुनवाई के बाद SEM ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.
इससे पहले दिन में, दिल्ली हाई कोर्ट ने दास और रांका की उस याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाने के फैसले को चुनौती दी थी. जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने दोनों को SEM की सुनवाई का इंतजार करने का सुझाव दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर वे SEM के फैसले से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं.
इसके बाद दास और रांका ने अपने वकील अभिक चिमनी और अन्य वकीलों के जरिए दायर याचिका वापस ले ली थी.
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