नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) भारत और बांग्लादेश के बीच बिगड़ते राजनयिक संबंधों के कारण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट कुछ समय के लिए ठप पड़ सकता है और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) द्वारा कार्यक्रम की घोषणा के बावजूद भारतीय टीम के दौरे की संभावना कम है।
बीसीबी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सितंबर में दोनों देशों के बीच सीमित ओवरों की छह मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी। उसने बीसीसीआई से परामर्श करने का दावा करते हुए तारीखों की घोषणा भी की।
बीसीबी के कार्यक्रम के अनुसार भारतीय टीम के 28 अगस्त को बांग्लादेश पहुंचने के बाद एक, तीन और छह सितंबर को तीन वनडे मैच खेलेगी जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नौ, 12 और 13 सितंबर को खेले जाएंगे।
यह श्रृंखला मूल रूप से पिछले साल आयोजित होने वाली थी लेकिन भारतीय बोर्ड की सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया था।
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि बीसीसीआई इस बार भी सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है, जिसका एक बड़ा संकेत आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स को तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से ‘रिलीज’ करने का निर्देश देना है।
बांग्लादेश पिछले छह महीने से राजनीतिक हिंसा की चपेट में है और बीसीसीआई इस अस्थिरता की स्थिति में इस देश के दौरे का जोखिम नहीं लेना चाहता है।
बांग्लादेश को हालांकि अगले महीने से ही टी20 विश्व कप मैचों के लिए भारत आना है। बीसीसीआई के निर्देशों पर रहमान को आईपीएल से ‘रिलीज’ किए जाने के बाद बीसीबी का इस पर रुख सबकी नजरों में रहेगा।
हालात अगर और बिगड़ते हैं तो भारत और पाकिस्तान के बीच जैसी स्थिति उत्पन्न होना पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता है।
भारत और पाकिस्तान अपने सभी आईसीसी मैच तटस्थ मैदानों पर खेलते हैं क्योंकि पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनके संबंध और भी खराब हो गए हैं।
टी20 विश्व कप का बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच अगले महीने श्रीलंका में खेला जाएगा।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए। शेख हसीना पिछले साल अगस्त में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद भारत आ गई थीं।
बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उन पर आंदोलन के दौरान हुई घातक कार्रवाई में कथित भूमिका निभाने का आरोप था, जिसमें कई छात्र मारे गए थे।
बांग्लादेश ने विभिन्न मुद्दों पर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को पांच बार तलब किया। दूसरी तरफ भारत ने बांग्लादेश में सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को एक बार तलब किया।
अवामी लीग की सरकार को भारत की हितैषी माना जाता था लेकिन मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद बांग्लादेश की राजनयिक स्थिति काफी हद तक बदल गई है। इस बीच बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंध और मजबूत करने के प्रयास किए जिसने क्षेत्रीय समीकरण को और जटिल बना दिया।
भाषा आनन्द नमिता
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