scorecardresearch
Friday, 1 May, 2026
होमखेलआईएसएल संकट: मोहन बागान ने फुटबॉल गतिविधियां रोकीं, ईबी ने बीसीसीआई से वित्तीय मदद की अपील की

आईएसएल संकट: मोहन बागान ने फुटबॉल गतिविधियां रोकीं, ईबी ने बीसीसीआई से वित्तीय मदद की अपील की

Text Size:

कोलकाता, आठ नवंबर (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के वाणिज्यिक अधिकारों के लिए एक भी बोली नहीं मिलने के एक दिन बाद शनिवार को लीग के मौजूदा चैंपियन मोहन बागान सुपर जायंट ने फुटबॉल से जुड़ी अपनी सभी गतिविधियों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

मोहन बागान ने कहा कि वे अगले महीने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के अनुबंधों की समीक्षा करेंगे।

इससे पहले एआईएफएफ ने शुक्रवार देर रात घोषणा की कि उसे पहले से ही विलंबित आईएसएल के वाणिज्यिक अधिकारों के लिए कोई बोली नहीं मिली है जिससे देश के घरेलू फुटबॉल का भविष्य अधर में लटक गया है।

मोहन बागान के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘हमारे खिलाड़ी मंगलवार से शुरू होने वाले शिविर के लिए सोमवार को इकट्ठा होने वाले थे। लेकिन अब इंडियन सुपर लीग पर स्पष्टता आने तक हमारे शिविर को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईएसएल पर अनिश्चितता के कारण सत्र में देरी हो रही है, हम अगले महीने सभी अनुबंधों की समीक्षा करेंगे। लेकिन हमने किसी का वेतन नहीं रोका है, सभी को भुगतान किया जा रहा है।’’

एआईएफएफ ने लीग के वाणिज्यिक अधिकारों के लिए 15 साल के अनुबंध के लिए 16 अक्टूबर को प्रस्ताव आमंत्रित किया था। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि सात नवंबर थी और बोलियां 11 नवंबर को खोली जानी थीं।

सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली और उच्चतम न्यायालय के आदेश पर नियुक्त बोली मूल्यांकन समिति भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए आज ही बैठक करेगी।

मोहन बागान के अधिकारी ने यह भी कहा कि क्लब मुख्य कोच जोस मोलिना का वेतन नहीं रोकेगा जो सुपर कप से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन की आलोचना करने के बाद ‘ब्रेक’ पर थे।

मोलिना ने क्लब प्रबंधन की आलोचना करते हुए कहा था कि सुपर कप से ग्रुप चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल के खिलाफ ड्रॉ खेलने के बाद गोल अंतर के आधार पर बाहर होने के बाद टीम चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

क्लब प्रबंधन ने पहले कहा था कि आईएसएल की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही उनके भविष्य पर फैसला लिया जाएगा।

इसके विपरीत मोहन बागान को गोल अंतर से हराकर सुपर कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली ईस्ट बंगाल ने अपना परिचालन स्थगित नहीं किया है और चार दिसंबर को होने वाले नॉकआउट चरण की तैयारी के लिए सोमवार से प्रशिक्षण फिर से शुरू करेगी।

शुक्रवार को घोषित कार्यक्रमों के अनुसार ईस्ट बंगाल का सेमीफाइनल में पंजाब एफसी से मुकाबला होगा जबकि एफसी गोवा का सामना मुंबई सिटी एफसी से होगा। फाइनल 10 दिसंबर को होना है।

ईस्ट बंगाल की कार्यकारी समिति के सदस्य देबब्रत सरकार ने पीटीआई को बताया, ‘‘हमने अभी तक अपना परिचालन स्थगित नहीं किया है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि आईएसएल जारी रहेगा। भारतीय फुटबॉल ऐसे नहीं रुक सकता। मुझे पूरा विश्वास है कि केंद्रीय खेल मंत्रालय, एआईएफएफ और पूर्व अधिकारी निश्चित रूप से ऐसा नहीं होने देंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सुपर कप भी होगा। हो सकता है कि कुछ बदलाव या देरी हो, लेकिन नॉकआउट मुकाबले होंगे। मैं अन्य क्लबों के बारे में बात नहीं कर सकता, लेकिन ईस्ट बंगाल में हमारे हितधारकों ने सुविधाओं या वेतन को रोकने का ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। मेरी जानकारी के अनुसार हम 10 नवंबर से अपना शिविर फिर से शुरू करेंगे।’’

सरकार ने दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई से भी आग्रह किया कि वह भारतीय फुटबॉल को मौजूदा संकट से उबारने के लिए आगे आए और उसका समर्थन करे।

उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत रूप से, मेरी एक अपील है। फुटबॉल दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय खेल है और भारत में भी। इसलिए मेरी अपील है कि अगर बीसीसीआई कम से कम चार-पांच साल के लिए भारतीय फुटबॉल को प्रायोजित करने के लिए तैयार हो जाए तो यह बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकता है। इसके लिए 100-150 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च नहीं होंगे। भारतीय फुटबॉल के लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता है।’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments