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Saturday, 7 November, 2026
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हॉकी इंडिया द्वारा फंड नहीं देने से असुंथा लाकड़ा मामले में समिति की जांच अभी तक शुरू नहीं

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(मोना पार्थसारथी)

नयी दिल्ली, सात नवंबर (भाषा) भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंथा लाकड़ा के आरोपों की जांच के लिये आईओए द्वारा स्वतंत्र समिति के गठन को दो महीने हो गए हैं लेकिन हॉकी इंडिया की ओर से फंड जारी नहीं करने की वजह से अभी तक समिति की पहली बैठक भी नहीं हुई है ।

आईओए ने हॉकी इंडिया को समिति के मानदेय, यात्रा, आवास और अन्य आकस्मिक खर्चों से संबंधित सभी आवश्यक भुगतान मुहैया कराने का भी निर्देश दिया था लेकिन सूत्रों के अनुसार हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की द्वारा बारंबार ईमेल भेजे जाने के बावजूद अभी तक समिति को फंड जारी नहीं किये गए हैं ।

हॉकी इंडिया कार्यकारी समिति की सदस्य लाकड़ा ने झारखंड में स्थानीय कोच सुधीर गोल्ला द्वारा लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न पर आपत्ति जताने के बाद हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह पर धमकी देने और परेशान करने का आरोप लगाया था।

खेल मंत्रालय के निर्देश के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने सितंबर में उच्च न्यायालय की सेवानिवृत न्यायाधीश दीपा शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था । इस पैनल में पूर्व ट्रैक एवं फील्ड एथलीट वंदना राव, महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान ममता खरब और वकील सितवत नबी सदस्य के रूप में शामिल हैं।

जानकार सूत्रों के अनुसार टिर्की ने आठ और दस अक्टूबर को ईमेल के जरिये हॉकी इंडिया कोषाध्यक्ष शेखर मनोहरन, महासचिव भोलानाथ सिंह और महासंघ के वित्त विभाग को समिति को तुरंत प्रभाव से फंड जारी करने के निर्देश दिये थे । समिति की अध्यक्ष की ओर से पेशेवर फीस और समिति से जुड़े विविध व्ययों के इनवॉइस पहले ही भेजे जा चुके हैं जबकि कानूनी सहायता से जुड़े खर्चों के इनवाइस भी भेजे जा चुके हैं लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई ।

इसके बाद 29 अक्टूबर को टिर्की ने आईओए अध्यक्ष पीटी उषा, खेल सचिव और खेल मंत्रालय को ईमेल भेजकर इसकी जानकारी दी ।

वहीं लाकड़ा ने मामले की निष्पक्ष जांच तुरंत शुरू कराये जाने की मांग की है ।

उन्होंने भाषा से कहा ,‘‘ मेरी शिकायत पर जिस तत्परता से जांच समिति का गठन किया गया था, उससे मुझे न्याय की उम्मीद जगी थी लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद मुझे अभी तक समिति के सामने अपना पक्ष रखने के लिये बुलाया नहीं गया है । आखिर जांच प्रक्रिया शुरू क्यो नहीं हो रही है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने न्याय की उम्मीद में शिकायत की थी, अनिश्चितकालीन इंतजार के लिये नहीं । मुझे आश्वासन नहीं निष्पक्ष जांच और इंसाफ चाहिये । मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, खेलमंत्री मनसुख मांडविया जी और आईओए अध्यक्ष पी टी उषा जी से अनुरोध करती हूं कि जिस गंभीरता और तत्परता से मेरी शिकायत पर संज्ञान लेकर जांच समिति का गठन किया गया, उसी तत्परता से जांच प्रक्रिया शुरू कराई जाये ।’’

भाषा

मोना पंत

पंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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