नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) अजीत अगरकर सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2027 एकदिवसीय विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और साल का अनुबंध देने का फैसला किया है।
अगरकर की अध्यक्षता में अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच चुनी गई भारतीय टीम चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची और इसमें से तीन में टीम ने खिताब जीता। भारत इस दौरान दो टी20 विश्व कप और एक बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में सफल रहा और यह पहले से ही लगभग तय था कि उनका अनुबंध चौथे साल के लिए बढ़ाया जाएगा।
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘अगरकर ने सेवा विस्तार नहीं मांगा था। एक चयनकर्ता जूनियर या सीनियर चयन समिति में चार साल तक और दोनों समितियों में मिलाकर कुल पांच साल तक काम कर सकता है इसलिए अजीत को नया अनुबंध दिया गया है, उसमें विस्तार नहीं किया गया।’’
अगरकर के करीबी सूत्रों ने हमेशा यही कहा कि वह खुद अनुबंध बढ़वाने की मांग करने की जगह फैसला करने वालों को अपनी समिति के प्रदर्शन का आकलन करने देना अधिक पसंद करते हैं।
पचास ओवर के विश्व कप से पहले निरंतरता बनाए रखना बोर्ड के इस फैसले के पीछे के मुख्य कारणों में से एक है।
अपने कार्यकाल के दौरान समिति ने कई कड़े फैसले किए हैं जिनमें विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की प्रक्रिया को देखना और सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर करना शामिल है।
समिति ने एक साहसिक चयन फैसला भी लिया जिसमें टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान शुभमन गिल को टी20 विश्व कप टीम से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी इशान किशन को टीम में शामिल किया गया।
भाषा सुधीर पंत
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