नागोया, 23 अक्टूबर (भाषा) भारत के लिये एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में शुक्रवार का दिन बेहतरीन रहा जब पेरिस पैरालम्पिक चैम्पियन नितेश कुमार , नवीन शिवकुमार ने बैडमिंटन पुरूष एकल एसएल3 और एसएल4 में स्वर्ण पदक जीता जबकि तुलसीमति मुरूगेसन और मानसी जोशी ने महिला युगल एसएल3 . एसयू5 में भारत की झोली में पीला तमगा डाला ।
मुरूगेसन और मानसी ने चीन की यांग कियूशिया और शियाओ जूशियान को 30 मिनट तक चले मुकाबले में 21 . 16, 21 . 13 से हराया ।
वहीं पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेताओं के बीच हुए मुकाबले में 31 वर्ष के नितेश ने 38 वर्ष के प्रमोद भगत को 21 . 18, 21 . 16 से हराया । वहीं 2018 और 2022 में स्वर्ण जीतने वाले प्रमोद को रजत पदक मिला ।
नितेश और पेरिस पैरालम्पिक रजत पदक विजेता तुलसीमति को मिश्रित युगल एसएल3 . एसयू5 में रजत पदक भी मिला । उन्हें फाइनल में इंडोनेशिया के लीनी रात्रि ओकतिला और हिकमत रामदानी ने 11 . 21, 21 . 19, 21 . 14 से हराया ।
मुरूगेसन को महिला एसयू5 वर्ग में रजत से संतोष करना पड़ा जो फाइनल में चीन की यांग कियूशिया से 18 . 21, 11 . 21 से हार गई ।
स्वर्ण जीतने के बाद नितेश ने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है । पिछली बार मैं काफी करीब पहुंचकर हार गया था । इस बार प्रमोद को दो गेम में हराना काफी खास है और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है ।’’
पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे नवीन ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 36 मिनट तक चले मुकाबले में 21 . 9, 21 . 17 से हराया ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है । मैं पिछले तीन चार महीने से इस पल का इंतजार कर रहा था ।’’
नवीन ने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2022 में स्वर्ण और बहरीन में बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप 2026 में रजत पदक जीता था । उन्होंने जून 2026 में फ्रेंच पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भी रजत पदक जीता था ।
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं पहली बार एशियाई पैरा खेलों में उतरा था लेकिन इन सभी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले खेल चुका हूं । मैने तैयारी में कोई दबाव नहीं लिया । अब मैं विश्व चैम्पियनशिप और पैरालम्पिक में भी पदक जीतना चाहता हूं ।’’
वहीं तोक्यो पैरालम्पिक के स्वर्ण पदक विजेता भगत ने कहा ,‘‘ मुझे अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि मैं लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतना चाहता था । लेकिन आज मेरे कुछ स्ट्रोक्स गलत हो गए और निर्णय भी सही नहीं रहे ।’’
नित्या श्री सुमति सिवन ने महिला एकल एसएच6 फाइनल में चीन की लि फेंगमेइ से 12 . 21, 13 . 21 से हारने के बाद रजत पदक जीता ।
पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों (पैरों) में काफी विकलांगता है और वे आधे कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि एसएल4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकलांगता तो है, लेकिन उनका चलने और दौड़ने का संतुलन बेहतर है। एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों (हाथों) में विकलांगता है, जबकि एसएच6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।
भाषा मोना पंत
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