लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने, सेवामित्र व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं.
शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने और बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने को कहा. वर्तमान में यह योजना 20 जिलों में संचालित है.
मुख्यमंत्री ने सेवामित्र व्यवस्था को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए इसे सरकारी विभागों से जोड़ने पर जोर दिया. बैठक में बताया गया कि पोर्टल पर 54 हजार से अधिक कुशल कामगार पंजीकृत हैं.
सरकार ने रोजगार मिशन के जरिए देश और विदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी तेजी लाई है. अब तक 27 हजार से अधिक युवाओं का चयन किया जा चुका है, जिनमें 2300 युवाओं को विदेशों में रोजगार मिला है.