नई दिल्ली: रामनगरी अयोध्या के पिरखौली क्षेत्र में योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश का पहला ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर’ स्थापित करने जा रही है. तीन हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले इस केंद्र पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका उद्देश्य फूलों की उन्नत खेती को बढ़ावा देना और श्रीराम मंदिर को गुणवत्तापूर्ण फूलों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
उद्यान विभाग के उप निदेशक अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि केंद्र में किसानों को वैज्ञानिक खेती, कीट प्रबंधन, सिंचाई और विपणन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां डच रोज़ और उच्च गुणवत्ता वाले गेंदे जैसी उन्नत प्रजातियां विकसित की जाएंगी.
परियोजना के तहत आधुनिक ग्रीनहाउस, ड्रिप इरिगेशन, सोलर पावर और टिश्यू कल्चर लैब जैसी सुविधाएं भी विकसित होंगी. इससे किसानों को उत्पादन बढ़ाने और बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
सरकार का लक्ष्य पारंपरिक खेती के साथ फूलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना है. साथ ही प्रसंस्करण, ड्राई फ्लावर और निर्यात के अवसर भी खुलेंगे. परियोजना से सैकड़ों युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
मथुरा और वाराणसी में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में फूल उत्पादन का व्यापक नेटवर्क विकसित होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.