पटना: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की मंगलवार को शुरुआत हो गई. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि भवन सभागार से पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों की Farmer ID बनाकर अभियान की शुरुआत की.
इस मौके पर मंत्री ने पांच किसानों—लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार को Farmer ID वितरित की.
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है. उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत शुरू की गई यह पहल किसानों के जीवन में पारदर्शिता और खुशहाली लाने का काम करेगी.
उन्होंने कहा कि “एग्री-स्टैक” सरकार और किसानों के बीच मजबूत सेतु का काम कर रहा है और इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी. Farmer ID बनने के बाद खाद, बीज, ऋण और फसल सहायता जैसी सुविधाओं का लाभ सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा.
मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है. अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का e-KYC पूरा हो चुका है, जिनमें से 47 लाख 85 हजार किसानों की Farmer ID बनाई जा चुकी है. शेष 40 लाख 54 हजार किसानों की Farmer ID बनाई जानी है.
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी किसान इस डिजिटल डेटाबेस से बाहर न रहे.
विजय सिन्हा ने कहा कि पहले चरण में 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया गया है. पीएम-किसान योजना के 23 लाख 79 हजार लाभार्थियों की Farmer ID भी बनाई जा चुकी है. इस उपलब्धि पर केंद्र सरकार से बिहार को 269 करोड़ 88 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है ताकि किसानों को योजनाओं के लाभ के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि Farmer ID बनने के बाद किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में मिलेगी.
कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार समेत कई अधिकारी और किसान मौजूद रहे.