scorecardresearch
Wednesday, 13 May, 2026
होमरिपोर्टलाड़ली बहना योजना की 36वीं किश्त 13 मई को जारी होगी, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में आएंगे 1835 करोड़ रुपये

लाड़ली बहना योजना की 36वीं किश्त 13 मई को जारी होगी, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में आएंगे 1835 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री मोहन यदव नरसिंहपुर के गोटेगांव में करेंगे राशि हस्तांतरण, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का जोर.

Text Size:

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 13 मई को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में आयोजित कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किश्त जारी करेंगे. इस दौरान प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी.

राज्य सरकार के अनुसार, लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान का बड़ा आधार बन चुकी है. नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की परिवार के फैसलों में भागीदारी बढ़ी है और पोषण व स्वास्थ्य स्तर में भी सुधार हुआ है.

सरकार ने बताया कि जून 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत अप्रैल 2026 तक 35 किश्तों का सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है. मई 2026 में जारी होने वाली राशि योजना की 36वीं किश्त होगी. जून 2023 से अप्रैल 2026 तक महिलाओं के खातों में डीबीटी के जरिए कुल 55,926.51 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं.

योजना की शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते थे. अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया और नवंबर 2025 से राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई. सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली कम राशि वाली महिलाओं को भी अतिरिक्त सहायता देकर कुल निर्धारित राशि उपलब्ध कराई जा रही है.

राज्य सरकार के मुताबिक, योजना पर वर्ष 2023-24 में 14,726.05 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 19,051.39 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रुपये खर्च किए गए. वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है.

सरकार का कहना है कि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बड़े बदलाव का माध्यम बनी है. इससे महिलाएं घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर बेहतर तरीके से खर्च कर पा रही हैं.

योजना से मिली राशि के जरिए कई महिलाएं स्व-सहायता समूहों, छोटे कारोबार और स्वरोजगार गतिविधियों से भी जुड़ी हैं. इससे उनकी अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित हुए हैं और आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ा है.

सरकार के अनुसार, योजना का लाभ ग्रामीण, शहरी, आदिवासी, तलाकशुदा, परित्यक्त और कल्याणी महिलाओं सहित बड़े वर्ग को मिल रहा है. आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी हुई है.

share & View comments