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Tuesday, 12 May, 2026
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तमिलनाडु CM विजय ने अपने ज्योतिषी को बनाया ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी

राधन पंडित वेट्रिवेल 1989-1990 में जयललिता के सलाहकार रह चुके हैं और BJP नेता एल.के. आडवाणी के करीबी सलाहकार माने जाते हैं.

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चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने लंबे समय से निजी ज्योतिषी रहे राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री का राजनीतिक ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया है. मंगलवार को जारी सरकारी आदेश में इस नियुक्ति की पुष्टि की गई. यह नियुक्ति जॉइनिंग की तारीख से लागू होगी.

राधन पंडित एक मशहूर वैदिक ज्योतिषी और न्यूमरोलॉजिस्ट हैं. उनके पास पहले कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं रहा है, ठीक वैसे ही जैसे टीवीके के ज्यादातर नेताओं और खुद मुख्यमंत्री के पास नहीं था. ज्योतिष के क्षेत्र में उन्हें 40 साल से ज्यादा का अनुभव है और वह कई वर्षों से विजय के करीबी सलाहकार रहे हैं. चुनाव नतीजों के बाद विजय के घर पर उनकी मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा था.

राधन पंडित ने अभिनेता से नेता बने विजय की राजनीतिक यात्रा के कई अहम मौकों पर उनका मार्गदर्शन किया है. 2024 और 2025 की शुरुआत में उन्होंने वीडियो और इंटरव्यू में विजय की कुंडली का विश्लेषण करते हुए नई पार्टी तमिझगा वेत्री कषगम (टीवीके) के तेज़ी से उभरने की भविष्यवाणी की थी.

उन्होंने पहले विजय की कुंडली को “सुनामी जैसी ताकत” वाला बताया था और कहा था कि पार्टी का नाम विजय की न्यूमरोलॉजी प्रोफाइल से बहुत मजबूत तरीके से मेल खाता है. उन्होंने यह भी कहा था कि यह पार्टी पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों के दबदबे को चुनौती देगी और आखिरकार उसे तोड़ देगी.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने पुष्टि की है कि विजय ने पार्टी लॉन्च, शपथ ग्रहण समारोह और अन्य कार्यक्रमों की तारीख तय करने में राधन पंडित की सलाह ली, ताकि शुभ मुहूर्त मिल सके.

समर्थकों के मुताबिक, विजय की राजनीतिक सफलता के हर बड़े कदम में राधन पंडित का मार्गदर्शन रहा है और 2026 विधानसभा चुनाव में टीवीके के शानदार प्रदर्शन में भी उनका योगदान माना जाता है.

तमिलनाडु के रहने वाले राधन पंडित 2008 में दिल्ली चले गए थे और उन्होंने राधन पंडित नाम अपनाया. उनका दावा है कि वैदिक ज्योतिष, न्यूमरोलॉजी और मेडिटेशन तकनीकों में उनकी सलाह काफी सफल रही है. विजय से जुड़ने से पहले वह एआईएडीएमके की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के भी सलाहकार रह चुके हैं.

राधन पंडित 1989-1990 के दौरान जयललिता के सलाहकार थे और उन्होंने 1991 में उनकी चुनावी जीत की सही भविष्यवाणी की थी. बताया जाता है कि उन्होंने 1996 के चुनाव, कोर्ट केस, पार्टी उम्मीदवारों के चयन और जया टीवी के नाम जैसे कारोबारी फैसलों में भी जयललिता का मार्गदर्शन किया था. उन्होंने जयललिता के नाम में एक अतिरिक्त ‘a’ जोड़ने जैसी न्यूमरोलॉजी सलाह भी दी थी. उनके जयललिता की करीबी सहयोगी शशिकला और टीटीवी दिनाकरण जैसे नेताओं से भी संबंध रहे हैं.

जयललिता के अलावा राधन पंडित बीजेपी, कांग्रेस, डीएमके और एआईएडीएमके समेत कई दलों के वरिष्ठ नेताओं को सलाह दे चुके हैं. वह बीजेपी नेता एल.के. आडवाणी के करीबी सलाहकार माने जाते हैं. कॉरपोरेट लीडर, सरकारी अधिकारी, सेलिब्रिटी, मंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े लोग भी उनसे सलाह लेते रहे हैं.

उनकी नियुक्ति के बाद तमिलनाडु में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. आलोचकों ने सवाल उठाया है कि तर्कवादी परंपरा वाले राज्य में एक ज्योतिषी को सरकारी पद पर औपचारिक रूप से क्यों शामिल किया गया.

मुख्यमंत्री कार्यालय में राधन पंडित की भूमिका और जिम्मेदारियों को आने वाले दिनों में स्पष्ट किया जा सकता है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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