रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संजय अग्रवाल के छत्तीसगढ़ योग आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने नए अध्यक्ष का स्वागत किया और राज्य में योग शिक्षा एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की सरकार की सोच साझा की.
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योग और अधिक लोकप्रिय होगा तथा लोग इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे.
उन्होंने कहा, “आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल का शपथ ग्रहण समारोह था. हम सभी इसमें शामिल हुए. संजय अग्रवाल को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं. वे पतंजलि पीठ से जुड़े हैं और योग के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है. उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योग और अधिक लोकप्रिय होगा तथा लोग इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे.”
छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल जी के पदभार ग्रहण समारोह में सम्मिलित होकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का आधार है। हमारी सरकार योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे दैनिक जीवन का… pic.twitter.com/WwJ8ur5wS1
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 2, 2026
इससे पहले 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत के शानदार प्रदर्शन की सराहना की थी. उन्होंने कहा था कि भारत के 114 पदक इस बात का प्रमाण हैं कि दुनिया भर में योग को तेजी से पहचान मिल रही है. उन्होंने पदक तालिका में शीर्ष पर रहने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई भी दी.
इस महीने की शुरुआत में अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में 78 देशों के 522 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इसे योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
मेजबान भारत ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 114 पदक, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया.
जापान तीन स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि अर्जेंटीना की नबीला बराज़ा के दो स्वर्ण और तीन रजत पदकों की बदौलत देश तीसरे स्थान पर रहा.
इस प्रतियोगिता में ओमान, जॉर्डन, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि मध्य-पूर्व में भी योगासन एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष इसकी थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग) थी, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों में लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर जीवनशैली और सक्रिय जीवन को बढ़ावा देना था.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष कोलकाता के रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास कर राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया.
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2014 में भारत के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर 21 जून को हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2026 में इसका 12वां संस्करण मनाया गया.