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Tuesday, 7 July, 2026
होमरिपोर्टराम मंदिर दान गबन मामला: अयोध्या कोर्ट ने 3 आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

राम मंदिर दान गबन मामला: अयोध्या कोर्ट ने 3 आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

पुलिस ने अदालत से तीनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी. पुलिस का कहना था कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

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अयोध्या: राम मंदिर दान गबन मामले में अयोध्या की एक अदालत ने तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को आगे की पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

पुलिस ने अदालत से तीनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी. पुलिस का कहना था कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि मामले में आगे की प्रगति के लिए आरोपियों से पूछताछ आवश्यक है.

इससे पहले रविवार को पुलिस टीम ने जेल के अंदर पांच आरोपियों से पूछताछ की थी. पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों की रिमांड के लिए अदालत में आवेदन किया था.

इस बीच, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर के दान की गिनती के दौरान चोरी और रकम निकालने के प्रथम दृष्टया सबूत मिलने की बात कही है.

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, ट्रस्ट के अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और नोट गिनने वाले कर्मचारियों के बयान, बैंक रिकॉर्ड, जब्ती दस्तावेज, एमओयू और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की जांच की गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून तक की सीसीटीवी फुटेज में कई बार कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियां और नकदी अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य छिपी जगहों पर रखते हुए दिखाई दिए. कुछ अन्य कर्मचारी भी उनकी मदद करते या उन्हें बचाते हुए नजर आए.

एसआईटी के अनुसार, उपलब्ध फुटेज में इस अवधि के दौरान चोरी या नकदी निकालने की करीब 70 घटनाएं दर्ज हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों के बयानों और बैंक में जमा रकम में अंतर को देखते हुए 27 अप्रैल से पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हो सकती हैं, लेकिन पुराने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पुष्टि नहीं की जा सकी.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रस्ट की एसओपी में तय सुरक्षा उपाय, जैसे तलाशी, बायोमेट्रिक उपस्थिति, निजी सामान पर रोक, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावी तरीके से लागू नहीं की गई.

सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी, वित्तीय दस्तावेज और गवाहों के बयानों के आधार पर एसआईटी ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता बताई है.

रिपोर्ट के अनुसार, अविनाश शुक्ला और मनीष कुमार यादव कई बार नकदी निकालते या छिपाते हुए दिखाई दिए, जबकि अन्य आरोपी उनकी मदद करते या इसी तरह की गतिविधियों में शामिल नजर आए.

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं.

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