लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल और परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. राज्य सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने की योजना बनाई है.
इन पार्कों के लिए 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है. सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है.
योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ और बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे. सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर स्थापित की जाएंगी.
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है. राष्ट्रीय वस्त्र अनुसंधान संस्था (NITRA) ने वाराणसी टेक्सटाइल पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत कर दी है, जबकि अन्य चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
सरकार उद्योग जगत के सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दे रही है. वाराणसी के रामना टेक्सटाइल पार्क को जल्द विकसित करने के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अनुबंध संबंधी कार्यवाही प्रगति पर है.
पार्क को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी विद्युत अवसंरचना की रूपरेखा भी तैयार की गई है.
योगी सरकार पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप इन परियोजनाओं को विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है. पर्यावरण स्वीकृति, भूजल उपयोग और वन विभाग की अनापत्ति से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी हैं. साथ ही चार अन्य पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर के चयन हेतु PPP आधारित निविदा दस्तावेज भी तैयार किए जा रहे हैं.
उद्योग जगत से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद सरकार को इन परियोजनाओं में बड़े निवेश की उम्मीद है. राज्य सरकार का मानना है कि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी.
इस योजना से स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.