नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) के कम से कम 23 घटक दल राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित ‘जनबंधन’ सम्मेलन में रणनीति बनाने के लिए जुटे हैं. यह पिछले दो वर्षों से अधिक समय में गठबंधन की पहली आधिकारिक बैठक है.
हालांकि, INDIA गठबंधन के नेता अन्य मौकों पर और संसद सत्र के दौरान महत्वपूर्ण समय पर औपचारिक रूप से मिलते रहे हैं, लेकिन सोमवार की यह बैठक 1 जून 2024, यानी पिछले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले हुई बैठक के बाद पहली बड़ी बैठक है.
बैठक का मुख्य फोकस अगले चुनावी चक्र की रणनीति पर है. अगले वर्ष पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके बाद 2029 के लोकसभा चुनाव होंगे.
हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही कुछ वजहों से सुर्खियों में आ गई.
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) बैठक में शामिल नहीं हो रही है क्योंकि कांग्रेस तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सत्ता व्यवस्था का हिस्सा बन गई है. वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने डीएमके के साथ हुए कथित “विश्वासघात” और कांग्रेस के “युवा-विरोधी” रवैये का हवाला देते हुए बैठक से दूरी बना ली है.
गठबंधन के एक अन्य सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी झारखंड से राज्यसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस से नाराज़ है. वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई(एम)) ने हालिया केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के व्यवहार को लेकर नाराज़गी जताते हुए उसे पत्र भेजा है. सीपीआई(एम) की ओर से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल होंगे और इस मुद्दे को उठा सकते हैं.
बैठक शुरू होने से पहले राजधानी में ऐसे पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना को प्रमुखता से दिखाया गया था, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया.
इसके बावजूद बैठक में विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद हैं, जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और उमर अब्दुल्ला शामिल हैं.
बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “एक साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक हो रही है. इंडिया गठबंधन एकजुट है. कई दल आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना के साथ इस बैठक का इंतजार कर रहे हैं.”
बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बढ़ती महंगाई आम लोगों को प्रभावित कर रही है. उन्होंने हाल में हुए परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ कथित भेदभाव का आरोप भी लगाया.