भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन और बलिदान देश को चुनौतियों और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की प्रेरणा देता है.
भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे नेता का प्रतिनिधित्व करती है, जिसने देश की आजादी के समय हुई एक बड़ी गलती को सुधारने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया.
उन्होंने कहा, “डॉ. मुखर्जी एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश की एकता को नुकसान पहुंचाने वाली साजिशों का डटकर मुकाबला किया. उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया, लेकिन आज भी वे एक प्रकाश स्तंभ की तरह देश को दिशा दिखाते हैं. उनका जीवन हमें देश के सामने आने वाली चुनौतियों और संकटों के खिलाफ सतर्क और संघर्षशील रहने की प्रेरणा देता है.”
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि एक समय था जब पार्टी को अपने संस्थापक अध्यक्ष के गृह राज्य बंगाल का साथ न मिलने का दुख था, लेकिन आज बंगाल बड़े जनसमर्थन के साथ भाजपा के साथ खड़ा है.
उन्होंने कहा, “बंगाल का हमारे साथ होना हमारे लिए गर्व की बात है. वंदे मातरम् की भावना को आत्मसात करते हुए और संविधान से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए हमारी सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में आगे बढ़ रही है.”
मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी को लागू करने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है और समाज के सभी वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक इस संबंध में राज्यभर से 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं.
भारतीय जनसंघ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूर्ववर्ती राजनीतिक संगठन था. भाजपा 23 जून 1953 को जम्मू-कश्मीर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन की तिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाती है.