नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की 36वीं बैठक में फैसला लिया गया कि 1 जनवरी 2025 तक स्थापित किसी भी झुग्गी बस्ती के निवासियों को पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा.
इससे पहले 16 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास की समीक्षा बैठक की थी. बैठक में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली के मुख्य सचिव और केंद्र व दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे.
बैठक में अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली स्लम एवं जेजे क्लस्टर पुनर्वास और पुनर्स्थापन नीति-2026 को अंतिम रूप दे दिया गया है और दिल्ली सरकार को इसे जल्द अधिसूचित करना चाहिए.
उन्होंने निर्देश दिया था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और DUSIB 45 दिनों के भीतर पांच झुग्गी क्लस्टरों के लिए टेंडर जारी करें. साथ ही 50 अतिरिक्त जेजे क्लस्टरों के लिए परियोजना दस्तावेज और टेंडर प्रक्रिया भी तैयार की जाए.
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार को हर महीने कम से कम पांच पीपीपी मॉडल आधारित पुनर्वास परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी करने चाहिए.
उन्होंने पुनर्वास कॉलोनियों में आंगनवाड़ी केंद्र, शिक्षा सुविधाएं, स्वास्थ्य केंद्र और खेल मैदान जैसी सामुदायिक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने पर भी जोर दिया.
अमित शाह ने कहा कि बैठक में लिए गए फैसलों से दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले करीब चार लाख परिवारों को लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए पात्रता की कट-ऑफ तिथि 1 जनवरी 2025 तय की जानी चाहिए.