देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय जन-जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में 176.59 करोड़ रुपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की. उन्होंने नशामुक्त समाज और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल के लिए शपथ भी दिलाई.
राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के अंतिम व्यक्ति तक सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव, देरी या बाधा के हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के विजन के तहत देशभर में जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ है. जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुफ्त राशन योजना से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है.
उन्होंने कहा कि स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं ने समाज के वंचित वर्गों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्रदान किए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. अंत्योदय योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे हैं. दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के वाहन भत्ते में वृद्धि की गई है. स्वयं सहायता समूहों को “लखपति दीदी योजना” और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपनी सरकार पोर्टल जैसी पहलें विकास को अंतिम छोर तक पहुंचाने में मदद कर रही हैं.
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है. राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से राज्य की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है. वहीं, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि राज्य में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है और केदारखंड तथा मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है. पिछले वर्ष राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रही. वहीं, प्रति व्यक्ति आय में पिछले चार वर्षों में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. होमस्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलीपोर्ट और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है.
धामी ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है. वहीं, भारत सरकार के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट परफॉर्मेंस इंडेक्स में विशेष श्रेणी वाले राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “अचीवर” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी में मान्यता मिली है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और मजबूत भू-कानून लागू किया गया है. 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं.
कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने चार सूत्रीय रणनीति बताई—व्यापक जागरूकता और जनसंपर्क, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित निगरानी और जवाबदेही.
उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों का नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आग्रह किया.