इंदौर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में आयोजित ‘मध्य प्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने राज्य में शहरी विकास, निवेश और नियोजित शहरीकरण को लेकर सरकार की योजनाएं बताईं.
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार ‘इंदौर इकोनॉमिक रीजन 2047: इकोनॉमिक मास्टर प्लान’ जारी किया. इसके अलावा भोपाल और इंदौर नगर निगम की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट भी जारी की गई.
आज इंदौर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का शुभारंभ कर निवेशकों और उद्योगपतियों से विचार साझा किए।
प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग अनुकूल नीतियों के परिणाम स्वरूप राज्य में ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, जिसमें से लगभग ₹12 लाख… pic.twitter.com/6JOreawB0c
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 28, 2026
यादव ने मध्य प्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी 2026, ट्रीटेड वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी 2026 और यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग प्रमोशन रूल्स 2026 के ड्राफ्ट भी जारी किए.
कॉन्क्लेव में शहरी वित्त, संसाधनों के टिकाऊ इस्तेमाल, संस्थागत सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े छह एमओयू भी हुए.
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शहरी विकास के क्षेत्र में मॉडल के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को किफायती घर देने के साथ आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रीटेड वॉटर और बेहतर परिवहन जैसी सुविधाएं होंगी.
उन्होंने कहा कि आर्थिक कॉरिडोर के आसपास कई तरह की टाउनशिप की योजना बनाई जा रही है. इससे बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के नए रास्ते खुलेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल और इंदौर के आसपास छह-छह जिलों को शामिल कर मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जा रहे हैं. आगे इसमें जबलपुर और ग्वालियर को भी शामिल किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ती शहरीकरण की मांग को देखते हुए विकास योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए. सरकार ने भवन निर्माण के नियमों में ज्यादा लचीलापन देने की दिशा में कदम उठाए हैं.
यादव ने कहा कि अगर सड़क की चौड़ाई और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी होती हैं तो 100 मंजिल तक की इमारतों या बहुमंजिला परिसरों के निर्माण की अनुमति दी जा रही है. पहले आमतौर पर 30 मीटर से ज्यादा ऊंची इमारतों की अनुमति नहीं थी.
उन्होंने कहा कि ज्यादा फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की अनुमति से कृषि भूमि को बचाने और विकास के नए रास्ते खोलने में मदद मिलेगी.
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने कई उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ अलग-अलग बैठकें भी कीं. इनमें शहरी ढांचे में निवेश, परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संभावित सहयोग पर चर्चा हुई.