नई दिल्ली: चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के तुरंत बाद, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के इंस्पेक्टर जनरल एन. एस. बुंडेला ने कहा कि आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है. वहां 30 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और 3 लोगों की मौत की खबर है.
बुंडेला ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के बाद से उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. मिली जानकारी के मुताबिक, तूफान आने के बाद से आंध्र प्रदेश में 31 घरों को नुकसान पहुंचा है और 3 लोगों की मौत हुई है.”
NDRF प्रमुख के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली और श्रीकाकुलम बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जबकि ओडिशा में कोरापुट, गंजाम और गजपति में सबसे ज्यादा बारिश हुई है.
NDRF की टीम ने कहा, “फिलहाल दोनों राज्यों में NDRF, SDRF और आपातकालीन बचाव दल सक्रिय हैं. इसके अलावा, भारतीय वायु सेना ने मंगलवार रात दो उड़ानें भरीं, ताकि आंध्र प्रदेश में NDRF की चार और टीमें भेजी जा सकें.”
बुंडेला ने बताया कि बुधवार सुबह तक आंध्र प्रदेश के 764 गांव प्रभावित हो चुके हैं और 57,000 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है. उन्होंने कहा, “पुराने आंकड़ों के आधार पर हमने निचले इलाकों और खतरे वाली जगहों की पहचान की. बचाव दलों ने पहले ही गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचा दिया था. साथ ही, लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के अभियान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई.”

उन्होंने यह भी कहा कि बारिश का असर शुरुआत में आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ा, लेकिन झारखंड और छत्तीसगढ़ भी इससे प्रभावित होंगे.
उन्होंने आगे कहा, “मिली जानकारी के मुताबिक, जो तूफान एक गंभीर चक्रवात के रूप में शुरू हुआ है, वह शाम तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा और झारखंड तथा छत्तीसगढ़ को भी प्रभावित कर सकता है.”
उन्होंने कहा, “फिलहाल आंध्र प्रदेश में NDRF की 39 और SDRF की 80 टीमें तैनात हैं. जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी और टीमें भेजी जाएंगी. टीमों ने खतरे वाले इलाकों से लोगों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित निकाला है. साथ ही, उन इलाकों से होर्डिंग और नावें भी हटा दी हैं.”
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