चंडीगढ़: हरियाणा में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए गुजरात दौरे के पहले दिन करीब 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. विभिन्न कंपनियों के साथ निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गुजरात के दौरे पर है. दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कंपनियों के फाउंडर्स, प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं. इनमें हरियाणा में मौजूदा कारोबार के विस्तार, नई औद्योगिक इकाइयां लगाने और निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई. उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे.
आज हुए एमओयू में डिफेंस टेक्सटाइल के क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये, टेक्निकल टेक्सटाइल में 2,000 करोड़ रुपये और औद्योगिक मशीनरी के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं.
इसके अलावा सौर ऊर्जा और कॉस्मेटिक निर्माण के क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये और वेस्ट-टू-एनर्जी क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों और उद्यमियों के साथ खड़ी है. सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश लाकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. उन्होंने कहा कि सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के लिए लगातार काम कर रही है.
सैनी ने कहा कि सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए अनुकूल नीतियां, मजबूत औद्योगिक ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है. उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और समय पर मंजूरी देने के साथ विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियां, निवेश प्रोत्साहन योजनाएं और सिंगल विंडो प्रणाली निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने और चलाने में मदद कर रही हैं.
मुख्यमंत्री ने सभी उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में होने वाले ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट’ में शामिल होने का न्योता दिया.
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में स्थायी औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. हरियाणा में निवेश करने वाले उद्योगों को नियमानुसार जरूरी प्रोत्साहन, मंजूरी और विभागीय सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए एमओयू से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, सहायक उद्योगों के विकास और नई कारोबारी साझेदारियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इन निवेश प्रस्तावों से रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता बढ़ने की संभावना है.
बैठकों के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हरियाणा की निवेश-अनुकूल नीतियों, आसान प्रक्रियाओं, आधुनिक औद्योगिक ढांचे, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन व्यवस्था की सराहना की.