चेन्नई: सी. जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ पार्टी के नौ विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली.
इन नौ मंत्रियों में एन. आनंद, आधव अर्जुना, डॉ. के.जी. अरुणराज, के.ए. सेंगोटेया, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, टी.के. प्रभु और एस. कीर्तन शामिल हैं. हालांकि, विभागों की घोषणा बाद में की जाएगी.
कैबिनेट में अनुभवी नेताओं, युवा चेहरों, भरोसेमंद रणनीतिकारों और पेशेवर लोगों का मिश्रण है. इससे TVK की यह कोशिश दिखती है कि वह शासन में अनुभव और नए विचारों के बीच संतुलन बनाना चाहती है. साथ ही पार्टी DMK और AIADMK जैसी दो द्रविड़ पार्टियों के दशकों पुराने दबदबे को खत्म करने की कोशिश कर रही है.
एन. आनंद 2 फरवरी 2024 को पार्टी की शुरुआत से ही TVK के महासचिव रहे हैं. उन्हें विजय के सबसे भरोसेमंद नेताओं में माना जाता है. वह पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता भी रहे हैं और संगठन, गठबंधन वार्ता और सार्वजनिक संदेश देने में उनकी अहम भूमिका रही है.
आनंद ने थियागरायनगर सीट से जीत हासिल की. उन्हें प्रशासनिक और संगठनात्मक कौशल के लिए जाना जाता है. इससे पहले वह पुडुचेरी विधानसभा में बुस्सी सीट से विधायक रह चुके हैं.
29 वर्षीय एस. कीर्तन ने शिवकाशी से पहली महिला विधायक बनकर इतिहास रचा. उन्हें कैबिनेट में शामिल करना TVK में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को दिखाता है. उनका शामिल होना पारंपरिक राजनीति में समावेश और बदलाव की दिशा में TVK के प्रयास का संकेत माना जा रहा है.
2025 में TVK में शामिल हुए आधव अर्जुना ने विल्लीवक्कम सीट से जीत दर्ज की. वह चुनाव प्रचार प्रबंधन के महासचिव हैं और उन्होंने भी मंत्री पद की शपथ ली.
आधव एक राजनीतिक रणनीतिकार, समाजसेवी और खेल प्रशासक हैं. इससे पहले वह VCK यानी विदुथलाई चिरुथैगल काची के साथ काम कर चुके हैं. TVK के लिए उन्होंने सोशल मीडिया नैरेटिव, डेटा आधारित पोस्ट, बूथ स्तर प्रबंधन और जनसंपर्क के जरिए चुनाव अभियान को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें युवाओं और मुद्दा आधारित राजनीति पसंद करने वाले वोटरों से जुड़ाव वाला चेहरा माना जाता है.
डॉ. के.जी. अरुणराज डॉक्टर से IRS अधिकारी बने. उन्होंने तमिलनाडु, बिहार और महाराष्ट्र में आयकर विभाग में काम किया. स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने के बाद वह 2025 में TVK में नीति और प्रचार के महासचिव के रूप में शामिल हुए.
अरुणराज ने TVK का घोषणापत्र तैयार करने और जन परामर्श में अहम भूमिका निभाई. प्रशासन और नीति मामलों का उनका अनुभव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मीडिया में उनकी बातचीत प्रभावी शासन और भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति पर केंद्रित रही, जिसका वादा TVK ने किया है. उन्होंने तिरुचेंगोडु सीट से चुनाव जीता.
केए सेंगोटेया TVK कैबिनेट में शामिल सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं. वह 10 बार विधायक रह चुके हैं और AIADMK सरकार में मंत्री भी रहे हैं. AIADMK से निकाले जाने के बाद वह नवंबर 2025 में TVK में शामिल हुए.
सेंगोटेया के जरिए पार्टी को तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र में समर्थन मिलने की उम्मीद है. साथ ही पश्चिमी जिलों में संगठनात्मक ताकत और प्रशासनिक अनुभव भी मिलेगा.
वेंकटरमणन विजय के पुराने सहयोगी और पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं. उन्होंने मायलापुर सीट से जीत हासिल की. उन्हें पार्टी का भरोसेमंद नेता माना जाता है. दिवंगत AIADMK प्रमुख जे. जयललिता के बाद वह राज्य के एकमात्र ब्राह्मण मंत्री हैं. माना जा रहा है कि उन्हें वित्त विभाग दिया जा सकता है.
संयुक्त महासचिव निर्मल कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली. वह वामपंथी दलों के साथ संपर्क बढ़ाने और जमीनी स्तर के अभियान में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने तिरुप्परनकुंद्रम सीट से चुनाव जीता. पार्टी का विस्तार करने और संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही है.
राजमोहन ने एग्मोर सीट से चुनाव जीता. वह पार्टी के उप महासचिव और प्रचार सचिव हैं. उन्हें TVK के प्रमुख जनसंपर्क चेहरों में माना जाता है. उनका बैकग्राउंड मीडिया और कंटेंट क्रिएशन से जुड़ा है. उन्होंने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एग्मोर सीट से चुनाव लड़ा और पार्टी को वंचित समुदायों से जोड़ने वाला चेहरा भी माने जाते हैं.
टी.के. प्रभु पेशे से डेंटिस्ट हैं और शिवगंगा ईस्ट के जिला स्तर के आयोजक रहे हैं. वह मदुरै में हुई TVK की दूसरी कॉन्फ्रेंस के बाद से पार्टी के जनसंपर्क अभियानों में सक्रिय हैं. उन्होंने दक्षिणी जिलों में पार्टी का संदेश फैलाने, युवाओं से जुड़ने और पेशेवर व पढ़े-लिखे लोगों को राजनीति में लाने का काम किया है.
TVK के पुराने भरोसेमंद नेता एन. आनंद और वेंकटरमणन पार्टी के संगठनात्मक कामकाज के केंद्र में रह सकते हैं. वहीं आधव अर्जुना, अरुणराज और निर्मलकुमार आधुनिक राजनीति और नीतियों पर आधारित जनसंपर्क में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
पार्टी ने कीर्तन के जरिए युवाओं और महिलाओं की भागीदारी दिखाई है, जबकि राजमोहन और प्रभु जैसे नेताओं के जरिए क्षेत्रीय और पेशेवर विविधता भी सामने रखी है.
विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रियों का यह चयन TVK की उस कोशिश को दिखाता है जिसमें वह पुरानी राजनीति से अलग छवि पेश करना चाहती है, लेकिन साथ ही सरकार में प्रशासनिक अनुभव की कमी भी नहीं रहने देना चाहती.
राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार ने दिप्रिंट से कहा, “पार्टी को सेंगोटेया जैसे अनुभवी नेताओं की जरूरत है. वहीं बदलाव का वादा करने वाली युवा पार्टी प्रभु और आधव अर्जुना जैसे युवा नेताओं को भी आगे ला रही है. साथ ही कीर्तन और राजमोहन के जरिए सामाजिक समावेश भी दिखाया जा रहा है. अब विभागों के बंटवारे से ज्यादा साफ होगा कि कैबिनेट में उनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा.”
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