scorecardresearch
Wednesday, 21 October, 2026
होमराजनीति'पंजाब में नशा लाने का पाप BJP-अकाली दल ने किया': अमित शाह पर संजय सिंह का पलटवार

‘पंजाब में नशा लाने का पाप BJP-अकाली दल ने किया’: अमित शाह पर संजय सिंह का पलटवार

'दिप्रिंट' को दिए एक इंटरव्यू में, संजय सिंह ने पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या के लिए पिछली अकाली दल-बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और इस संदर्भ में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दर्ज कथित मामले का हवाला दिया.

Text Size:

नई दिल्ली: पंजाब में बड़े पैमाने पर नशे के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के हमलों का सामना कर रही आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब बीजेपी पर पलटवार करने की कोशिश की है. पार्टी ने 2021 में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर 21,000 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त होने का जिक्र किया और आरोप लगाया कि पंजाब में नशा लाने के लिए पहले की अकाली दल-बीजेपी सरकार जिम्मेदार थी.

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “अमित शाह ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के बारे में जरूर बात की होगी, जहां अडानी के पोर्ट से 21,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई थी.”

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 17 और 19 सितंबर 2021 को मुंद्रा पोर्ट पर दो कंटेनरों से 2,988.21 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी. ये कंटेनर ईरान के रास्ते अफगानिस्तान से आए थे. दस्तावेजों में बताया गया था कि इनमें आधे तैयार किए गए टैल्क पत्थर हैं. बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी.

2022 में भी इस पोर्ट पर नशे की खेप जब्त की गई थी. 26 मई को DRI ने नमक बताकर आयात की गई एक खेप से 52.488 किलोग्राम कोकीन जब्त की थी. अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में इसकी कीमत 500 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई थी. जुलाई 2022 में गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते और पंजाब पुलिस ने अलग से 75.3 किलोग्राम हेरोइन भी जब्त की थी.

मंगलवार को पंजाब दौरे के दौरान अमित शाह ने भगवंत मान सरकार पर नशे के कारोबार को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि नशा अब भी राज्य के युवाओं तक कैसे पहुंच रहा है.

शाह ने पूछा, “लेकिन यह नशा पुड़िया में पैक होकर पंजाब तक कैसे पहुंचता है? यह पंजाब के लड़के-लड़कियों तक कैसे पहुंचता है? क्या राजनीतिक संरक्षण और नेताओं की मदद के बिना ऐसा संभव है?”

संजय सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए पिछली अकाली दल-बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दर्ज मामले का भी जिक्र किया.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “अकाली दल-बीजेपी सरकार ने गांवों तक नशा पहुंचाने का पाप किया है. उनके नेताओं में से एक मजीठिया को जेल जाना पड़ा था.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर किसी ने सबसे पहले पंजाब में नशा लाने का पाप किया है, तो वह बीजेपी और अकाली दल ने किया है. मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं.”

संजय सिंह ने बीजेपी को चुनौती दी कि वह केवल AAP के कामकाज पर ध्यान देने के बजाय अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में दर्ज नशे के मामलों और जब्ती के आंकड़ों की तुलना करे.

उन्होंने पूछा, “अकाली दल और बीजेपी की सरकार के दौरान नशे से जुड़े कितने मामले दर्ज हुए थे? आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान कितना नशा बरामद हुआ? कितनी ड्रग्स पकड़ी गई?”

इंटरव्यू के दौरान दिप्रिंट ने आंकड़ों का हवाला दिया, जिनके मुताबिक पंजाब में 2024 में नशे से जुड़ी 106 मौतें हुईं. इसके मुकाबले 2022 में 144 और 2023 में 89 मौतें दर्ज की गई थीं. संजय सिंह ने यह दावा नहीं किया कि ये आंकड़े AAP के शासन में सुधार साबित करते हैं. इसके बजाय उन्होंने अलग-अलग सरकारों के रिकॉर्ड की तुलना करने की मांग की. उन्होंने कहा, “मैं आपसे कह रहा हूं कि आंकड़े निकालिए और उन पर बात कीजिए.”

2015 से 2017 के बीच की स्थिति को याद करते हुए सिंह ने कहा, “12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे इंजेक्शन लगाए जाने के बाद सड़क पर मरे हुए पाए जाते थे.”

उन्होंने दावा किया कि AAP ने नशे की तस्करी के मामलों की बड़े पैमाने पर जांच की है. उन्होंने कहा, “हमने नशे के मामलों की सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि एक हजार जांच की हैं.”

संजय सिंह ने उन आरोपों को खारिज किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास फैसले लेने की आजादी नहीं है और राज्य सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है.

उन्होंने कहा, “अगर भगवंत मान के पास फैसले लेने की आजादी नहीं है, तो वे पूरे पंजाब में लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली कैसे दे रहे हैं? अगर उनके पास आजादी नहीं है, तो वे सरकारी नौकरियां कैसे दे रहे हैं?”

सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी खबरों पर सिंह ने माना कि सभी स्कूलों में सुधार नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “हमने कभी दावा नहीं किया कि हमने पंजाब के हर स्कूल को बेहतर बना दिया है. हो सकता है कि कुछ स्कूल छूट गए हों. हम उनमें सुधार करेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य स्कूलों को बेहतर बनाना और वहां अच्छी सुविधाएं देना है. हम इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं.”

‘AAP INDIA गठबंधन से बाहर ही रहेगी’

संजय सिंह ने दोहराया कि AAP, INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है और वह 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली उसकी रैली में शामिल नहीं होगी.

उन्होंने कहा, “जब हम INDIA गठबंधन का हिस्सा ही नहीं हैं, तो हम उस बैठक में जा रहे हैं या नहीं, यह कोई महत्वपूर्ण सवाल नहीं है.”

उन्होंने आगे कहा, “INDIA गठबंधन की रैली उसके अपने लोगों के लिए है. वे इसे अपने तरीके से करेंगे.”

सिंह ने कहा कि AAP कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ भी अभियान चला रही है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग का समर्थन करने का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “हम सड़कों पर भी वोट चोरी के खिलाफ लड़ रहे हैं. और सदन में भी लड़ रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की पहल हुई थी, तो उस पर हस्ताक्षर करने वाले हम पहले लोग थे.”

सिंह ने पूछा, “आपने 13 करोड़ 37 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं. इस देश में कितने बांग्लादेशी मिले हैं? हमें आंकड़े बताइए. कितने पाकिस्तानी मिले हैं?”

संजय सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बचाव किया. CJP अलग-अलग राज्यों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और दूसरे मुद्दों को उठाती रही है. सिंह से पूछा गया था कि क्या CJP, AAP के प्रति नरम रुख अपना रही है.

उन्होंने कहा, “हमने CJP का समर्थन किया है. हमने किसानों के आंदोलन में किसानों का समर्थन किया था. हम उस आंदोलन में भी उनके साथ थे.”

उन्होंने कहा कि CJP को जहां भी समस्याएं दिखाई दें, उन्हें सामने लाना चाहिए. उन्होंने कहा, “CJP जो कुछ भी देखेगी, उसका खुलासा करेगी.”

‘गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई’

संजय सिंह ने कहा कि AAP ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

उन्होंने कहा, “अंतिम फैसला राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) लेगी. जब केजरीवाल और PAC यह तय कर लेंगे कि उत्तर प्रदेश में चुनाव कैसे लड़ना है, तो हम आपको बता देंगे.”

सिंह ने कहा कि AAP ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर 27,000 स्कूल बंद करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अभियान चलाया है.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ अपनी मुलाकातों के बारे में सिंह ने कहा कि दोनों ने उत्तर प्रदेश में परिसीमन और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए भर्ती के मुद्दों पर चर्चा की थी, लेकिन चुनावी गठबंधन पर कोई बात नहीं हुई थी.

उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव के साथ यह हमारी पहली मुलाकात नहीं है. हम उनसे अक्सर मिलते हैं और हमारे बीच निजी संबंध भी अच्छे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हम मिलकर चर्चा करते हैं.”

जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हुई थी, तो सिंह ने कहा, “नहीं, हमने राजनीतिक गठबंधन पर चर्चा नहीं की.”

उन्होंने दोहराया कि INDIA गठबंधन से बाहर रहने का फैसला AAP का अपना फैसला है.

उन्होंने कहा, “INDIA गठबंधन को लेकर फैसला हमारी पार्टी का है. हम INDIA गठबंधन में नहीं हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: प्रोजेक्ट हाई गार्ड: कनाडा में गाड़ियों की लूट के आरोप में 10 लोगों पर केस, 6 भारतीय मूल के


 

share & View comments