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Saturday, 4 July, 2026
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राम मंदिर दान ‘चोरी’ मामला: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने महाकाल से अयोध्या तक पदयात्रा का किया ऐलान

भोपाल में अपने घर पर कांग्रेस नेता ने एक बैनर लगाया है, जिसमें लिखा है कि 'राम मंदिर का चढ़ावा और दान चुराने वालों की एंट्री नहीं होगी.'

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नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या के राम मंदिर तक पदयात्रा करेंगे. इन दोनों प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों के बीच की दूरी करीब 850-900 किलोमीटर है.

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी और गबन को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है.

दिग्विजय सिंह ने भोपाल स्थित अपने घर के बाहर एक बैनर भी लगाया, जिस पर लिखा था, “राम मंदिर के चंदा चोरों और चढ़ावा चोरों का प्रवेश वर्जित है.”

यह घोषणा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से कथित घोटाले पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के कुछ ही घंटे बाद की गई.

RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मंदिर के दानपात्रों से कथित चोरी की घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया. उन्होंने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) निष्पक्ष और तय समय सीमा में जांच करे. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दोषी हैं, उन्हें सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील भी की और कहा कि “हिंदू विरोधी” और “राष्ट्र विरोधी” ताकतें इस घटना का इस्तेमाल हिंदू समाज को बदनाम करने के लिए कर सकती हैं.

कांग्रेस ने भी RSS के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने संघ पर आरोप लगाया कि वह कथित घोटाले के जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है.

जयराम रमेश ने X पर लिखा, “RSS ने जो क्लीन चिट दी है, वह शर्मनाक और निंदनीय है. सच्चाई यह है कि उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों ने बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी की है. यह एक धोखेबाज संगठन है.”

कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भी कथित राम मंदिर दान घोटाले पर RSS की प्रतिक्रिया की आलोचना की.

उन्होंने X पर लिखा कि RSS सच्चाई सामने लाने के बजाय कथित गड़बड़ियों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है. उनका दावा था कि दत्तात्रेय होसबाले का बयान संघ की छवि बचाने के लिए दिया गया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की SIT जांच पर भी सवाल उठाए.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि SIT की जांच में पारदर्शिता नहीं है और ऐसा लगता है कि इसका मकसद “बड़ी मछलियों” को बचाना और “छोटी मछलियों” को बलि का बकरा बनाना है.

कांग्रेस पहले भी इस कथित घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जवाबदेही तय करने की मांग कर चुकी है. पार्टी लगातार सवाल उठा रही है कि क्या संस्थागत लापरवाही के बिना यह कथित चोरी हो सकती थी.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, जो इस मुद्दे पर पार्टी की सबसे मुखर नेताओं में रही हैं, ने कथित घोटाले को “दुखद”, “शर्मनाक” और “सबसे बड़ा पाप” बताया. उन्होंने कहा कि दान की कथित चोरी की खबर ने “पूरे देश को हैरान कर दिया है.”

उन्होंने कहा, “लोगों ने दान दिया, महिलाओं ने अपनी बचत से दिया, गरीब लोगों ने दिया… इसकी जिम्मेदारी किसकी है? अगर आपने दान इकट्ठा किया है, तो उसे सुरक्षित रखना भी आपकी जिम्मेदारी है.” उन्होंने ट्रस्ट की आलोचना करते हुए यह बात कही.

यह विवाद पिछले महीने की शुरुआत में सामने आया था, जब मंदिर में चढ़ावे और दान के गलत तरीके से रखरखाव और गबन के आरोप लगे थे. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में मंदिर के दान के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा किया था.

रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई और दान की गिनती और उसके प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियां नकदी के कथित गबन, सुरक्षा में लापरवाही और चढ़ावे की गिनती के दौरान तय प्रक्रियाओं के उल्लंघन की जांच कर रही हैं. मामले की जांच अभी जारी है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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