नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राम मंदिर दान चोरी मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं के दान की कथित हेराफेरी निंदनीय है. आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. साथ ही उन्होंने हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की.
होसबाले ने कहा, “अयोध्या के श्रीराम लला मंदिर के दानपात्रों में जमा धन की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पूरे समाज और राम भक्तों की भावनाएं और आस्था आहत हुई हैं. इस घटना से हम सभी बेहद दुखी हैं.”
बीजेपी के वैचारिक संगठन आरएसएस ने यह भी कहा कि हिंदू समाज को हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतों की उन साजिशों को नाकाम करना चाहिए, जो इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करना चाहती हैं.
राम मंदिर दान चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था. इसके बाद हुए भारी विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. टीम को 15 दिन में रिपोर्ट देने का जिम्मा सौंपा गया था. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. SIT ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है.
शुक्रवार को जारी बयान में होसबाले ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे हिंदू समाज से अपील करता है कि इस कठिन समय में आवश्यक धैर्य और संयम बनाए रखें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल कर हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने की कोशिश करने वाली हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतों की साजिशों को विफल करें.”
बयान में कहा गया कि राम जन्मभूमि पर बना मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों राम भक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान के कारण पूरे हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया है.
RSS ने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर ही उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की. केंद्र सरकार द्वारा गठित यह स्वायत्त ट्रस्ट मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है और फिलहाल SIT की जांच के दायरे में है.
आरएसएस ने कहा, “पूरे हिंदू समाज की तरह संघ भी उम्मीद करता है कि ट्रस्ट इस बेहद निंदनीय घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन और संचालन की सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा. इससे करोड़ों राम भक्तों की अयोध्या मंदिर के प्रति आस्था और विश्वास अटूट बना रहेगा.”
होसबाले ने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित SIT इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाएंगे. हमें विश्वास है कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन, पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था और पवित्र धार्मिक वातावरण के जरिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट हिंदू समाज का विश्वास और मजबूत करेगा.”
पिछले सप्ताह RSS से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी बयान जारी कर कहा था कि इस विवाद से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने मामले की फास्ट ट्रैक जांच और राम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की मांग की थी.
इस बीच अयोध्या बार एसोसिएशन ने पुलिस को शिकायत देकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और प्रशासक गोपाल राव के खिलाफ कथित दान चोरी मामले में कार्रवाई की मांग की है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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