चेन्नई: शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ के छठे संस्करण में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना ‘वोट चोरी’ अभियान जारी रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके “चुनाव चोरी” कर रहे हैं.
परेड ग्राउंड पहुंचने से पहले राहुल ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ दोपहर का खाना खाया. इससे एक दिन पहले तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनावों में जीत हासिल की थी. इस गठबंधन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के उम्मीदवारों को हराया था.
खचाखच भरे कार्यक्रम स्थल के अंदर, मशहूर तमिल संगीतकारों की प्रस्तुति के बाद जब राहुल पहुंचे, तो युवा लड़के-लड़कियां नाचने लगे और उनका स्वागत करने लगे. मैदान में तिरंगे वाले बैनर और कांग्रेस के झंडे लगे हुए थे. मंच पर रोशनी की गई थी और पूरे कार्यक्रम के दौरान पटाखे फूटते रहे.
राहुल ने मंच पर छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया. जब छात्रों ने उन्हें ‘बड़ा भाई’ कहकर संबोधित किया, तो उन्होंने उनकी इच्छाओं का सम्मान करते हुए उनसे बातचीत की. मंच के पीछे एक बैनर पर लिखा था, ‘सवाल पूछने वाली कक्षा एक सोचने वाला देश बनाती है.’ बाहर सड़कों पर समर्थकों की कतारें लगी थीं और राहुल की एक झलक पाने के लिए गाड़ियों की लाइन लगी हुई थी. सड़क किनारे एक महिला कांग्रेस नेता की तस्वीरों को फ्रेम में लगाकर बेच रही थी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम और पवन खेड़ा भी कार्यक्रम में मौजूद थे. उनके साथ तमिलनाडु कांग्रेस के कई नेता और सांसद भी थे.
राहुल ने छात्रों को अपनी चिंताएं साझा करने का मौका दिया. उन्होंने मोदी पर लोकतंत्र पर हमला करने और विरोध की आवाजों को दबाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यह समझने में नाकाम रहे हैं कि उनका राजनीतिक दबदबा अब खत्म होने वाला है.
उन्होंने कहा, “मोदी भारत के लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं. वह सीधे लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं. वह वोट चोरी और चुनाव चोरी कर रहे हैं. वह लोगों की आवाजें दबा रहे हैं.”
दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि राजधानी को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई थीं और पुलिस ने छात्रों को पीटा था. उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर भी प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी लोगों की आवाजें दबा रहे हैं. जैसा कि आपने दिल्ली में देखा, पूरा शहर बंद कर दिया गया था, इंटरनेट बंद कर दिया गया था और पुलिस छात्रों को पीट रही थी. बीजेपी ने अपने गुंडों को भी खुला छोड़ दिया, जिन्होंने छात्रों को पीटा और उनके साथ मारपीट की. समस्या यह है कि मोदी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अब उनका खेल खत्म हो चुका है. पिछले 15 साल से वह इस देश में जो नाटक कर रहे हैं, अब उसका अंत होने वाला है.”

उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिया.
उन्होंने कहा, “भारत की लोकतांत्रिक नींव पर कोई हमला नहीं करेगा. भारत के संविधान पर कोई हमला करके बच नहीं पाएगा. ऐसे लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”
कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार पर तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास पर हमला करने का आरोप लगाया. अमित शाह के हिंदी को लेकर दिए गए रुख का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिल पहचान को अपनी भाषा और परंपराओं से कम अहमियत दे रही है.
राहुल ने कहा, “वह खुलेआम, सबके सामने कह रहे हैं कि तमिल संस्कृति, तमिल भाषा और आपका इतिहास उनकी भाषा, उनके इतिहास और उनकी परंपराओं से कम अहमियत रखते हैं.”
उन्होंने कहा, “हम नरेंद्र मोदी को तमिल भाषा, तमिल इतिहास और तमिल संस्कृति पर हमला नहीं करने देंगे. वह किसी भी चीज को हाथ नहीं लगा पाएंगे. वह तमिलनाडु को छू भी नहीं पाएंगे.”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी इन हमलों को अंजाम देने के लिए डर, नफरत और बंटवारे का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ भाषा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की संस्कृति, परंपराओं और इतिहास से भी जुड़ा है.
राहुल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन भाषा वाले फॉर्मूले की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु पर अपनी पसंद थोप रही है, जबकि तमिलनाडु लंबे समय से अपनी दो भाषा वाली नीति का बचाव करता रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए तय 3,300 करोड़ रुपये रोक रखे हैं. उन्होंने कहा, “जो पैसा आपका है और जो आपको मिलना चाहिए, उसे भारत सरकार आपको देने से रोक रही है.”
उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पर भी हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली MBBS सीटों की हिस्सेदारी में 87 प्रतिशत की गिरावट आई है.
राहुल ने आरोप लगाया कि परिसीमन का मकसद तमिलनाडु को सजा देना और संसद में उसकी आवाज को कमजोर करना है. उन्होंने कहा, “यह बीजेपी की साजिश है.”
इसके बाद राहुल ने समाज सुधारक पेरियार का जिक्र किया. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे जो कुछ भी सुनते हैं, उसे बिना सोचे-समझे स्वीकार करने के बजाय उस पर सवाल उठाएं. उन्होंने कवि तिरुवल्लुवर का भी जिक्र किया, जिन्होंने सीखने की तुलना कुआं खोदने से की थी. जितनी ज्यादा मेहनत की जाती है, उतना ही ज्यादा ज्ञान मिलता है.
उन्होंने कहा, “जिज्ञासा का मतलब सवाल पूछना है. लोकतंत्र आपको सवाल पूछने का अधिकार देता है. संविधान आपके सवाल पूछने के अधिकार की रक्षा करता है. और आपका वोट यह सुनिश्चित करता है कि आपको उन लोगों से जवाब मिले, जो आपका नेतृत्व करते हैं और आपकी सरकारें चलाते हैं.”
कार्यक्रम में छात्रों ने जातिगत भेदभाव और शिक्षा हासिल करने में आने वाली बाधाओं के बारे में बात की. उत्तर चेन्नई में एक मुफ्त ट्यूशन सेंटर चलाने वाले प्रतिनिधि ने राहुल को अपने संस्थान में आने का न्योता दिया. इस सेंटर में छात्रों को संविधान और समाज से जुड़े दूसरे मुद्दों के बारे में पढ़ाया जाता है. राहुल ने यह न्योता स्वीकार कर लिया.
राहुल ने छात्रों से अपील की कि वे सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने से न डरें. उन्होंने उन्हें कांग्रेस पार्टी के समर्थन का भरोसा भी दिया.
उन्होंने वादा किया, “आप जिस भी बात पर विश्वास करते हैं, उसके लिए मजबूती से खड़े रहें. सवाल पूछना कभी बंद न करें और हम सब मिलकर मोदी को सत्ता से हटा देंगे.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: भारत के आपराधिक कानूनों में फेशियल रिकग्निशन का जिक्र नहीं, इन 3 संशोधनों से दूर होगी कमी