हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बाढ़ और पानी की कमी के “स्थायी” समाधान के तौर पर एक बड़े अंतरराज्यीय गोदावरी-कावेरी लिंक प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा. वहीं, उनके तमिलनाडु के मुख्यमंत्री समकक्ष ने TDP शासित राज्य से चेन्नई के लिए और पानी मांगा. यह ऐसे समय में हुआ है जब एल नीनो के कारण जलवायु पर बढ़ते दबाव के चलते राज्य पीने के पानी और सिंचाई की जरूरतों के लिए एक-दूसरे पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं.
नायडू ने मंगलवार को विजयवाड़ा में विजय के साथ बैठक के दौरान यह सुझाव दिया.
नवरात्रि उत्सव के दौरान विजयवाड़ा में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ नदी जोड़ने की परियोजना पर चर्चा करने के लिए विजयवाड़ा आया था. चेन्नई को अतिरिक्त पानी छोड़ने की प्रतिबद्धता और उनके दिए सुझावों के लिए मैं उनका आभारी हूं.”
आंध्र में राज्य के अंदर नदी जोड़ने की परियोजनाओं को पूरा करने के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए नायडू ने कहा कि प्रस्तावित गोदावरी-कावेरी लिंक सूखे से जूझ रहे दक्षिणी प्रायद्वीप की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक जरूरी और जलवायु के असर को झेल सकने वाला समाधान बन सकता है. इनमें गोदावरी और कृष्णा नदियों को जोड़ने वाली ऐतिहासिक पट्टीसीमा जीवन सिंचाई योजना भी शामिल है.
विजयवाड़ा उत्सव में शामिल होने और इस बात पर चर्चा करने के लिए विजय विजयवाड़ा पहुंचे थे कि क्या आंध्र प्रदेश तेलुगु गंगा परियोजना के जरिए चेन्नई की पीने के पानी की जरूरतों के लिए अतिरिक्त 10 हजार मिलियन क्यूबिक (TMC) फीट पानी छोड़ सकता है.
आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में नायडू ने गोदावरी और कावेरी नदियों को जोड़ने के महत्व को समझाया और कहा कि नदी जोड़ना सूखे का स्थायी समाधान है.
सरकार के बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इस साल अल नीनो के असर के कारण कृष्णा नदी में पानी का प्रवाह कम होने और इसके कारण पानी की भारी कमी के बावजूद, आंध्र प्रदेश सरकार चेन्नई की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
आंध्र ने इस साल की शुरुआत में ही चेन्नई को 4.08 TMC पानी दिया था.
विजयवाड़ा नवरात्रि उत्सव में मुख्यमंत्री नायडू ने आगे कहा, “विजय तमिलनाडु को विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने एक राजनीतिक पार्टी बनाई और दो साल के अंदर मुख्यमंत्री बन गए. युवाओं का उत्साह मुझे भरोसा देता है कि हमारे देश के युवा दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकते हैं.”
इससे पहले बैठक में नायडू ने, बयान के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के फायदे के लिए पेन्नार, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और तुंगभद्रा नदियों को जोड़ने का भी सुझाव दिया.
गोदावरी और कावेरी नदियां प्राकृतिक रूप से एक-दूसरे से नहीं मिलती हैं. हालांकि, राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) की योजना के मुताबिक नदियों का प्राकृतिक रूप से आपस में मिलने के बजाय अलग-अलग नदी घाटियों के बीच पानी पहुंचाया जाएगा.
2023 के बजट सत्र में संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार ने 1980 में राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (NPP) बनाई थी. NPP के तहत नदियों को जोड़ने की योजना (ILR) में गोदावरी, कृष्णा, पेन्नार और कावेरी नदी घाटियों को जोड़ना शामिल है.
NPP के तहत, गोदावरी में पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए महानदी और ब्रह्मपुत्र नदी घाटियों के अतिरिक्त पानी को इसमें लाया जाना है. इसके बाद इस पानी को कृष्णा, पेन्नार और कावेरी नदी घाटियों की ओर भेजा जाना है. इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों की मंजूरी अभी बाकी है.
NWDA के संसद में दिए जवाब के मुताबिक, पहले चरण में तेलंगाना के इंचमपल्ली के पास गोदावरी नदी से पानी निकालने का प्रस्ताव है. इसके बाद इसे पंप करके कृष्णा नदी पर बने नागार्जुन सागर बांध तक ले जाने का प्रस्ताव है.
तीसरे चरण में प्रस्ताव के मुताबिक, पानी को आगे दक्षिण की ओर पेन्नार नदी पर बने सोमासिला जलाशय तक ले जाया जाएगा. इसके बाद इसे तमिलनाडु में कावेरी नदी पर तंजावुर और तिरुचिरापल्ली के पास ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) तक पहुंचाने की योजना है.
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