नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने इस हफ्ते लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के दौरान भगवान हनुमान की वेशभूषा में एक कलाकार के नाचने और बीजेपी का झंडा लहराने पर आपत्ति जताई है.
वीएचपी के राष्ट्रीय महामंत्री अंबरीष सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
वीएचपी नेता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी देवी-देवता की वेशभूषा पहनकर सार्वजनिक जगहों और कार्यक्रमों में इस तरह आना उचित नहीं है.
उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ स्वागत जुलूस में श्री हनुमान जी का रूप धारण कर उनके रथ के आगे नृत्य करना अत्यंत निंदनीय है. इसकी योजना बनाने वालों की पहचान कर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. भविष्य में बीजेपी को ऐसे कार्यक्रमों की योजना बनाने वाले तथाकथित ‘इवेंट मैनेजरों’ को इससे दूर रखना चाहिए.”
उन्होंने आगे लिखा, “महाभारत में जब हनुमान अर्जुन के रथ पर विराजमान हुए थे, तब धर्म की विजय हुई थी. इसे हमेशा याद रखें. आपसे अनुरोध है कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से खुद को बचाएं. हिंदू समाज को आपसे बहुत उम्मीदें हैं, इसलिए आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है.”
हालांकि बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दी.

दिप्रिंट ने अंबरीष सिंह से बात की. उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी और कहा कि उनका संदेश जिन लोगों तक पहुंचना था, पहुंच गया है.
उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “अब इस मामले को यहीं खत्म होना चाहिए. यह आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय है. मैंने अपनी भावना व्यक्त की थी. गलती आयोजकों की थी, उन्होंने इस बारे में ठीक से नहीं सोचा.”
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बाल हनुमान की वेशभूषा में एक कलाकार लखनऊ में नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम में नाचता हुआ दिखाई दे रहा है.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने एक्स पर लिखा, “लखनऊ में बीजेपी नेता नितिन नवीन के स्वागत के लिए भगवान हनुमान का रूप धारण किए व्यक्ति से नाच कराया गया. क्या अब बीजेपी नेता इतने ‘महान’ हो गए हैं कि उनके स्वागत में देवी-देवता नाचेंगे? सच यह है कि जो लोग धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए करते हैं और खुद को सनातन का ठेकेदार बताते हैं, उन्होंने ही सनातन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है.”
उन्होंने आगे लिखा, “जो लोग मंच से ‘धर्म खतरे में है’ का नारा लगाते हैं, वही जमीन पर धर्म का अपमान कर रहे हैं.”
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “सुश्री @gupta_rekha: BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष @NitinNabin खुद को भगवान हनुमान से भी बड़ा मानते हैं. उन्होंने अपने सामने भगवान हनुमान से BJP का झंडा लेकर नाच कराया. क्या आप उनके इस अहंकार पर कुछ कहेंगी? या फिर आपको भगवान हनुमान के अपमान पर बोलने से मना किया गया है?”
.@gupta_rekha जी: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष @NitinNabin जी, अपने आप को हनुमान जी से भी बड़ा मानते हैं, भगवान को अपने सामने बीजेपी के झंडे के साथ नचाते हैं – उनके अहंकार पर आप कुछ टिपण्णी करना चाहेंगी? या हनुमान जी के अपमान पर आपको बोलने से मना किया गया है? https://t.co/Fu1QgkgHXn pic.twitter.com/RdWTSpoD5x
— Atishi (@AtishiAAP) July 6, 2026
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) ने भी बीजेपी की आलोचना की और कहा कि नितिन नवीन ने भगवान हनुमान का अपमान किया है.
पार्टी ने एक्स पर लिखा, “इसी अहंकार को तोड़ने के लिए इस बार बांकीपुर में वोट देना जरूरी है.”
आदित्य ठाकरे ने कहा, “अब भी यह देखकर हैरानी हो रही है कि बीजेपी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में भगवान हनुमान जी को नाचते हुए दिखा सकती है. यह हम सभी के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है. हम पहले से ही इस बात से दुखी हैं कि बीजेपी, उसकी सरकार द्वारा नियुक्त राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों पर लगे लूट के आरोपों पर चुप है. कितनी शर्म की बात है! अब हिंदू माफ नहीं करेगा!”
Still shocked that the bjp can depict Lord Hanuman ji dance and welcome its president.
This is rubbing salt on the wounds of all of us, who are anyway aghast at the way the bjp is quiet on how the trustees appointed by the bjp government have indulged in the loot of the Ram… https://t.co/aNj9dBKXxN
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) July 7, 2026
दिप्रिंट ने उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता हरीश श्रीवास्तव से भी बात की. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कराने वाले कार्यकर्ताओं को ध्यान रखना चाहिए कि उत्साह में ऐसी गलतियां न हों.
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के उत्साह में वे हद से आगे बढ़ गए. उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में ऐसी बातें दोबारा न हों.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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