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Tuesday, 5 May, 2026
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बंगाल के मुसलमान इस चुनाव में ममता से कैसे दूर हो गए

मुर्शिदाबाद, मालदा और नॉर्थ दिनाजपुर में हिंदू वोट BJP के पक्ष में एकजुट हो गए, लेकिन मुस्लिम वोट अलग-अलग पार्टियों में बंट गए.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बड़ी जीत के पीछे मुस्लिम बहुल सीटों में बढ़त एक बड़ा कारण रही. खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा और नॉर्थ दिनाजपुर जिलों में हिंदू वोट एकजुट हो गए और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मुस्लिम वोट बैंक बंट गया. यह सब वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच हुआ.

इस चुनाव में मुस्लिम वोट कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और कुछ हद तक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) में बंटते दिखे.

इन तीनों जिलों में अल्पसंख्यक आबादी 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा है. बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 43 सीटें मुर्शिदाबाद, मालदा और नॉर्थ दिनाजपुर में हैं.

बीजेपी, जिसने 2021 में इन 43 सीटों में सिर्फ 8 जीती थीं, इस बार 19 सीटें जीत गई—यानी 11 सीटों का फायदा. वहीं टीएमसी, जो 2021 में 35 सीटें जीती थी, इस बार घटकर 22 पर आ गई. इसके अलावा मुर्शिदाबाद में कांग्रेस और AJUP ने 2-2 सीटें जीतीं, जबकि सीपीआई(एम) को 1 सीट मिली.

कई राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमान के उलट, SIR के दौरान करीब 91 लाख वोटर हटाए जाने के बावजूद मुस्लिम वोट टीएमसी के पीछे एकजुट नहीं हुए. बल्कि ये वोट ज्यादा तर कांग्रेस और सीपीआई(एम) में बंट गए. चुनाव आयोग के डेटा के विश्लेषण से यह बात सामने आई. कुछ सीटों पर हुमायूं कबीर की AJUP ने भी टीएमसी के मुस्लिम वोट में सेंध लगाई. वहीं इन जिलों की हिंदू बहुल सीटों पर हिंदू वोट बीजेपी के पक्ष में एकजुट हो गए.

उदाहरण के लिए, मुर्शिदाबाद के रानीनगर सीट पर कांग्रेस ने 79,423 वोट लेकर जीत हासिल की. टीएमसी 76,722 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रही और सीपीआई(एम) 48,587 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रही. इससे साफ दिखता है कि मुस्लिम वोट बंट गए. 2021 में यह सीट टीएमसी ने जीती थी.

नवग्राम सीट—जो मुर्शिदाबाद में हिंदू बहुल है—वहां बीजेपी ने 78,739 वोट लेकर जीत दर्ज की. टीएमसी 72,820 वोट के साथ दूसरे और कांग्रेस 50,144 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही. 2021 में यहां टीएमसी जीती थी.

मुर्शिदाबाद की खरग्राम सीट पर बीजेपी की मिताली माल ने 77,748 वोट लेकर जीत हासिल की. टीएमसी को 68,415 वोट मिले और सीपीआई(एम) 41,944 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही.

मुर्शिदाबाद की कांदी सीट, जहां 76 प्रतिशत आबादी हिंदू है, वहां बीजेपी ने 73,355 वोट से जीत हासिल की. टीएमसी को 63,020 वोट मिले और कांग्रेस 31,160 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही. असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 22,976 वोट मिले.

मालदा और नॉर्थ दिनाजपुर में भी ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला—हिंदू वोट बीजेपी के पक्ष में एकजुट हुए और मुस्लिम वोट बंट गए, जिससे बीजेपी को इन 43 सीटों पर बड़ा फायदा हुआ.

2011 की जनगणना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 2.4 करोड़ से ज्यादा मुसलमान हैं, जो राज्य की 9 करोड़ आबादी का करीब 27 प्रतिशत हैं. 2011 में लेफ्ट सरकार के 34 साल के शासन के बाद से यह समुदाय बड़े पैमाने पर टीएमसी को वोट देता रहा है.

2021 के चुनाव में एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के कारण तेज ध्रुवीकरण हुआ था और मुसलमानों ने बड़ी संख्या में टीएमसी को वोट दिया था. उस चुनाव में पार्टी ने इन तीन जिलों की 43 में से 35 सीटें जीती थीं.

मुस्लिम आबादी वाले जिलों का प्रदर्शन

चुनाव आयोग के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले की 22 सीटों में से बीजेपी ने 9 सीटें जीतीं, जबकि 2021 में उसने सिर्फ 2 सीटें जीती थीं. 2011 की जनगणना के मुताबिक, मुर्शिदाबाद में मुस्लिम आबादी 66.3 प्रतिशत है.

2021 में टीएमसी ने यहां 20 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार यह घटकर 9 रह गई.

SIR के दौरान जिले में करीब 4.55 लाख वोटर हटाए गए—औसतन हर सीट से 20,668 वोटर कम हुए. इन हटाए गए वोटरों का असर टीएमसी के कुल वोट पर पड़ा और उसे नुकसान हुआ.

मालदा में, जहां 39 लाख की आबादी में 51.3 प्रतिशत मुसलमान हैं—बीजेपी ने 12 में से 6 सीटें जीतीं, जबकि टीएमसी ने 8 सीटें जीतीं. 2021 में टीएमसी ने 8 और बीजेपी ने 4 सीटें जीती थीं.

मालदा में SIR के दौरान 2.39 लाख नाम हटाए गए. यानी हर सीट से औसतन 19,948 वोटर हटे.

उत्तरी दिनाजपुर में, जहां मुस्लिम आबादी 49.9 प्रतिशत है—9 में से 4 सीटें बीजेपी को मिलीं और टीएमसी ने 5 सीटें जीतीं. 2021 में टीएमसी ने 7 और BJP ने 2 सीटें जीती थीं.

उत्तरी दिनाजपुर में 1.76 लाख वोटर लिस्ट से हटाए गए. इसके अलावा साउथ 24 परगना और बीरभूम में भी बीजेपी को बड़ा फायदा हुआ. 2011 की जनगणना के अनुसार इन जिलों में करीब 35 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है. 2021 में टीएमसी ने इन दोनों जिलों में 40 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को सिर्फ 1 सीट मिली थी. इस बार आंकड़े बीजेपी के पक्ष में काफी बदल गए हैं.

साउथ 24 परगना की भांगर सीट पर बीजेपी और टीएमसी के अलावा, ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट के एमडी नवसाद सिद्दीकी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की.

इन पांच जिलों में मिलाकर राज्य की 85 सीटें आती हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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