गुरुग्राम: जिसने भी कभी हफ्ते के किसी कार्यदिवस में दिल्ली के सदर बाजार या चांदनी चौक में कार लेकर जाने की कोशिश की है, वह वहां की मुश्किलों को अच्छी तरह समझता है. हाथगाड़ियों और साइकिल रिक्शों के लिए बनी संकरी गलियां आज डिलीवरी वैन, ई-रिक्शा और खड़े वाहनों से भरी रहती हैं. लोहे, मार्बल या इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भारी सामान का कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए माल लोड और अनलोड करने में कई घंटे लग जाते हैं.
अब हरियाणा सरकार दिल्ली की इसी ट्रैफिक समस्या को एक अवसर में बदलना चाहती है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दिल्ली के 26 व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से हरियाणा भवन में मुलाकात की और सीधी अपील की कि वे अपना कारोबार हरियाणा में ले आएं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चौड़ी सड़कें, आधुनिक बुनियादी ढांचा और आसान मंजूरियां देने के लिए तैयार है. सैनी ने व्यापारियों से कहा कि हरियाणा सरकार दिल्ली से सटे इलाकों में बड़ा कमर्शियल मार्केट और औद्योगिक ढांचा विकसित करना चाहती है, जहां उन्हें वह जगह मिल सकेगी जो अब दिल्ली के बाजारों में नहीं बची है.
इस योजना का सबसे बड़ा हिस्सा ‘नमो सिटी’ है.
करीब 5,000 एकड़ में प्रस्तावित इस टाउनशिप में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाएं भी होंगी. सैनी ने कहा कि इस बाजार को अगले 50 साल की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. यहां ट्रैफिक की आसान आवाजाही के लिए चौड़ी सड़कें और हरित क्षेत्र होंगे, जो दिल्ली के तंग थोक बाजारों से बिल्कुल अलग होंगे. योजना के तहत सरकार निवेशकों को उनकी जरूरत के अनुसार विशेष प्रोत्साहन पैकेज, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, सिंगल-विंडो मंजूरी और तय समय सीमा में अनुमोदन देने की पेशकश कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि खारी बावली के ड्राई फ्रूट व्यापारियों ने हरियाणा में लगभग 280 प्लॉट ले लिए हैं. वहीं लुधियाना के ड्राई फ्रूट बाजार के व्यापारियों ने करीब 180 प्लॉट खरीदे हैं.इससे संकेत मिलता है कि नई टाउनशिप पूरी तरह तैयार होने से पहले ही कारोबारियों का हरियाणा की ओर रुख शुरू हो चुका है.
नायब सैनी ने बैठक के बाद एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “आज नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दिल्ली के सम्मानित व्यापारी भाइयों के साथ सीधा संवाद किया और उनके विचार व सुझाव सुने. व्यापार और उद्योग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव होते हैं.”
उन्होंने आगे लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी डबल इंजन सरकार व्यापार के लिए परेशानी मुक्त, पारदर्शी और निवेश अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. व्यापारी वर्ग के सुझाव विकसित हरियाणा और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.”
आज हरियाणा भवन, नई दिल्ली में दिल्ली के सम्मानित व्यापारी बंधुओं के साथ सीधा संवाद कर उनके विचार और सुझाव सुने।
व्यापार और उद्योग किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में हमारी डबल इंजन सरकार व्यापार के लिए… pic.twitter.com/dAspwdZNZp
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) June 29, 2026
एक पुराना रुझान
यह पहली बार नहीं है कि व्यापारियों और उद्योगों ने दिल्ली की सीमाओं के बाहर जाने के बारे में सोचा हो. पिछले कुछ दशकों में, जैसे-जैसे राजधानी के बाजार और औद्योगिक क्षेत्र अधिक भीड़भाड़ वाले होते गए और प्रदूषण से जुड़े नियम सख्त हुए, वैसे-वैसे कई यूनिटें पड़ोसी शहरों में शिफ्ट होती गईं.
1990 के दशक से गुरुग्राम ने बड़ी संख्या में कॉरपोरेट दफ्तरों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों को आकर्षित किया. फरीदाबाद, जो पहले से ही एक पुराना औद्योगिक शहर था, ने सस्ती जमीन और बेहतर लॉजिस्टिक्स की तलाश में आने वाली और फैक्ट्रियों को अपनी ओर खींचा. दिल्ली सीमा पर रोहतक रोड के पास स्थित बहादुरगढ़ प्लाईवुड, फर्नीचर, फुटवियर और छोटे स्तर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों का केंद्र बन गया, जो अब राजधानी के भीतर विस्तार नहीं कर सकती थीं.
सोनीपत के राय इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी वर्षों के दौरान कई यूनिटें आईं, जिसका एक बड़ा कारण दिल्ली-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग के पास इसकी स्थिति रही. इस हफ्ते घोषित नई योजना मूल रूप से इसी पैटर्न को कहीं बड़े और ज्यादा व्यवस्थित स्तर पर दोहराने की कोशिश है. इस बार निशाना सिर्फ फैक्ट्रियां नहीं, बल्कि दिल्ली के थोक बाज़ार हैं.
स्थानांतरण की योजना
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि प्रस्तावित थोक बाजार संभवतः सोनीपत जिले में दिल्ली की सीमा से लगे इलाकों में विकसित किए जाएंगे, जहां पहले से औद्योगिक आधार मौजूद है.
अधिकारी ने कहा कि सोमवार की बैठक सकारात्मक रही और सदर बाज़ार, चांदनी चौक, गांधी नगर, खारी बावली, नेहरू प्लेस, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस और आजादपुर के करीब 400 व्यापारी प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई. बैठक में मौजूद उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली के बाजार क्षमता से अधिक भर चुके हैं और हरियाणा व्यापारियों को जरूरी सुविधाएं देने के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित कर रहा है.
उन्होंने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़क संपर्क और यह तथ्य कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर क्षेत्र में आते हैं, ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से व्यापारियों को हरियाणा में स्थानांतरण पर विचार करना चाहिए. लौह बाज़ार, मार्बल एसोसिएशन और अन्य समूहों के व्यापारियों ने अपनी चिंताएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं. मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी और आगे की चर्चा के लिए उनका कार्यालय हमेशा खुला रहेगा.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राय के पास मारुति के आने वाले प्लांट का भी ज़िक्र किया, जहां हर साल करीब 10 लाख वाहन बनने की उम्मीद है. उन्होंने खरखौदा में विकसित हो रहे आईएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन को भी इस बात का सबूत बताया कि राज्य में बड़े प्रोजेक्ट पहले से चल रहे हैं. उन्होंने सोनीपत के गन्नौर के पास बन रहे 600 एकड़ के बागवानी बाज़ार का भी उल्लेख किया, जो हरियाणा को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जोड़ेगा.
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