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Thursday, 8 October, 2026
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‘कांग्रेस को बाहर रखकर BJP को हराना मुश्किल’: GFP प्रमुख सरदेसाई

GFP प्रमुख विजय सरदेसाई ने दिप्रिंट से कहा, ‘Goa First’ गठबंधन से मुख्य विपक्षी पार्टी को बाहर रखकर विपक्ष BJP को हराने की उम्मीद नहीं कर सकता.

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नई दिल्ली: गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) प्रमुख विजय सरदेसाई ने ‘Goa First’ गठबंधन में कांग्रेस के लिए दरवाजा खोल दिया है. यह उनकी पार्टी के 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ हाथ मिलाकर ‘नॉन-BJP, नॉन-कांग्रेस’ मोर्चा बनाने के सिर्फ तीन हफ्ते बाद हुआ है. सरदेसाई ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी को बाहर रखकर विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराने की उम्मीद नहीं कर सकता.

AAP-GFP गठबंधन का ऐलान 13 सितंबर को किया गया था. AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सरदेसाई ने ‘Goa First’ को BJP और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर पेश किया था. दिप्रिंट को दिए इंटरव्यू में सरदेसाई ने कहा कि इस मंच में कांग्रेस को भी शामिल किया जाना चाहिए.

सरदेसाई ने दिप्रिंट से कहा, “लोगों की उम्मीद साफ तौर पर यह है कि सभी राजनीतिक दलों का एक बड़ा गठबंधन होना चाहिए और BJP को सत्ता से बाहर करना चाहिए. अब हमने एक गठबंधन बनाया है. उन्होंने इस गठबंधन को खारिज नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि इसे नॉन-कांग्रेस, नॉन-BJP के तौर पर पेश करना और कांग्रेस के मुख्य विपक्षी पार्टी होने के बावजूद उसे बाहर रखना, लोगों की समस्याओं का एक बहुत भरोसेमंद समाधान नहीं बनाता. इसके बाद कांग्रेस को बाहर रखकर खुद BJP को सत्ता से बाहर करना व्यावहारिक नहीं है. यह लोगों की राय है.”

सरदेसाई ने कहा कि राज्य में BJP के 15 साल के शासन को लेकर लोगों में थकान बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “गोवा में ऐसे मतदाताओं का एक वर्ग है जो BJP को वोट नहीं देता. मेरा मतलब सिर्फ अल्पसंख्यकों से नहीं है, बल्कि उन कुछ वर्गों से है जो BJP के पक्ष में नहीं हैं. और BJP पिछले 15 साल से सत्ता में है. इसलिए गोवा के लोगों में किसी तरह की थकान है और वे उन्हें सत्ता से हटाना चाहते हैं.”

उनका यह बयान AAP के उन पर हमले तेज करने के बाद आया है. AAP गोवा अध्यक्ष वाल्मीकि नाइक ने कहा है कि ‘Goa First’ दूसरे दलों के लिए खुला है, लेकिन कांग्रेस के लिए नहीं. AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी ‘Anti-BJP/Congress alliance’ के लिए प्रचार करने गोवा में हैं.

सरदेसाई ने विपक्ष को निशाना बनाने के लिए AAP पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, “Goa में हम यह नहीं समझते कि आप अचानक विपक्ष पर हमला करने का फैसला क्यों करेंगे और सत्ताधारी पार्टी को निशाना क्यों नहीं बनाएंगे. और आप जनता की भावना की उम्मीद को स्वीकार नहीं कर रहे हैं.”

सरदेसाई ने दिप्रिंट से बातचीत में कहा, “अगर मैं आपका सहयोगी हूं, तो आप सार्वजनिक तौर पर मुझे यह अल्टीमेटम नहीं दे सकते कि मैं लोगों के साथ हूं या कांग्रेस-BJP के संयुक्त गठबंधन के साथ.”

उन्होंने AAP के पहले के उस रुख का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था कि ‘Goa First’ एक ऐसा मंच है जिसमें दूसरे विपक्षी दल भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “AAP समेत सभी ने रिकॉर्ड पर कहा है कि यह एक व्यापक मंच है जिसे हमने बनाया है और जिसमें दूसरे विपक्षी दल भी शामिल हो सकते हैं.”

सरदेसाई ने दल-बदल को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर AAP से सवाल किया और कहा कि AAP को भी कई दल-बदल का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा, “लोगों को AAP का यह विरोधाभास भी दिखा, क्योंकि उसे भी अपनी पार्टी में दल-बदल का सामना करना पड़ा है. और यहां वे कांग्रेस को भाषण दे रहे थे.”

उन्होंने कहा कि गोवा के चारों विपक्षी दल आखिरकार एक साथ आ सकते हैं. उन्होंने कहा, “चार राजनीतिक दल विपक्ष में हैं. दो साथ आ रहे हैं और बाकी दो को अलग रख रहे हैं और फिर चारों एक बड़े गठबंधन के रूप में एक साथ आते हैं, तो क्या यह व्यावहारिक समाधान नहीं होगा?”

सरदेसाई ने यह भी कहा कि कांग्रेस को पहले ही इसकी पहल करनी चाहिए थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब बड़े गठबंधन की संभावना खत्म हो गई है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस को ही हमें साथ लाना चाहिए था. उन्होंने उस समय ऐसा नहीं किया. इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसके लिए उन्हें हमेशा दोष देते रहेंगे. हमारे पास जो सीमित समय और सीमित संसाधन हैं, उनमें हमें यह देखना होगा कि सबसे बेहतर क्या किया जा सकता है.”

सरदेसाई ने कहा कि उनका रुख गोवा के राजनीतिक हालात से तय होता है, न कि दूसरे राज्यों में AAP और कांग्रेस के बीच के समीकरणों से. उन्होंने कहा, “पंजाब में क्या होता है, इससे एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के तौर पर मुझे कोई मतलब नहीं है. मेरा रुख बिल्कुल साफ है कि मुझे वही करना है जो गोवा चाहता है और गोवा को जिसकी जरूरत है.”

उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की चिंता है कि गोवा के लोग क्या चाहते हैं और मैं सिर्फ गोवा का प्रतिनिधित्व करता हूं.”

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “मुझे लगता है कि बेहतर समझ से काम लेना चाहिए, क्योंकि लोग यही चाहते हैं. अगर हम लोगों की उम्मीदों को चुनौती देंगे, तो लोग हमें सबक सिखाएंगे.”

फाटोर्डा निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे सरदेसाई पूर्व कांग्रेसी हैं और उन्होंने 2016 में GFP की स्थापना की थी. उनकी पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP का समर्थन करने का फैसला किया था और वह उस समय मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने थे. GFP के पास अब विधानसभा में एक प्रतिनिधि है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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