नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जहां बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मना रही थी, वहीं कांग्रेस ने ‘मोदी के कुशासन के 12 साल’ नाम से एक अभियान शुरू किया. पार्टी ने प्रधानमंत्री पर गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियां अपनाने, बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने और इतिहास को बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता, पेपर लीक घोटालों, महिलाओं को प्रभावित करने वाली कल्याणकारी नीतियों और शैक्षणिक संस्थानों में गैर-वैज्ञानिक विचारों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर भी घेरा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के कार्यकाल को “गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और कमजोर विदेश नीति के 12 साल” बताया. उन्होंने सवाल किया कि सरकार की नाकामियों का बोझ आम जनता ही क्यों उठाए.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब ही उठाएंगे? क्या इस कमजोर होती अर्थव्यवस्था की कीमत सिर्फ मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?”
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 9, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों की वजह से लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को फिर से लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. राहुल ने यह भी दावा किया कि उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है, जबकि पिछले तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 89 रुपये बढ़ गई है.
बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, “अरबपति दोस्तों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ करना और अपनी नाकामियों का बिल गरीबों पर डालना ही मोदी का लूट मॉडल है.”
बड़े दावे, टूटे आर्थिक वादे
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाना लोकतंत्र का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि सरकार की उपलब्धियों के दावे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति से मेल नहीं खाते. उन्होंने कहा कि भाजपा की आत्म-प्रशंसा केवल कल्पनाओं पर आधारित है.
कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर के साथ गालिब का मशहूर शेर भी साझा किया—“दिल बहलाने को गालिब ये ख्याल अच्छा है.”
पार्टी ने “बड़े दावे, टूटे आर्थिक वादे” शीर्षक से एक और पोस्टर जारी किया. इसमें कहा गया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार के प्रचार और वास्तविक आर्थिक प्रदर्शन के बीच बड़ा अंतर है.
कांग्रेस ने कहा कि आर्थिक सफलता के दावों को रुपये की स्थिति, परिवारों पर बढ़ते कर्ज और देश की व्यापक आर्थिक स्थिति जैसे पैमानों पर परखा जाना चाहिए.
कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा नेताओं के इस दावे को भी चुनौती दी कि नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू अब भी भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हैं और भाजपा का दावा केवल एक तकनीकी आधार पर टिका हुआ है.
सिंघवी ने एक्स पर लिखा, “भाजपा के नए प्रचार अभियान को सच्चाई की कसौटी पर परखने की जरूरत है. पंडित जवाहरलाल नेहरू आज भी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री हैं. भाजपा का दावा केवल 26 जनवरी 1950 से गिनती शुरू करने और फिर ‘सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री’ जैसी शब्दावली इस्तेमाल करने पर आधारित है.”
The BJP’s latest propaganda exercise deserves a reality check.
Pandit Jawaharlal Nehru remains the longest-serving Prime Minister of India. The BJP’s claim rests on a technicality of counting only from 26 January 1950 and then conveniently using the phrase “longest serving…
— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) June 10, 2026
उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में यात्रा 15 अगस्त 1947 से शुरू हुई थी. उन्होंने भाजपा पर “शब्दों की बाजीगरी और सुर्खियां बनाने” के जरिए रिकॉर्ड गढ़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे नेताओं के योगदान को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है.
रमेश ने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अपने दम पर साधारण बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी. उन्होंने इसकी तुलना नेहरू के दौर से की, जब कांग्रेस ने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की थी.
कांग्रेस की यह आलोचना भाजपा नेताओं द्वारा मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाने और 4,399 दिनों के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने के जवाब में आई है. भाजपा ने इस दौरान अनुच्छेद 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, UPI के दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट प्रणाली बनने, जीएसटी लागू करने और वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)