तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस ने गुरुवार को वी.डी. सतीसन को केरल का 13वां मुख्यमंत्री घोषित कर दिया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म हो गया, जिसमें तीन नेता एक साथ इस पद के दावेदार बने हुए थे. इस टकराव के कारण राज्यभर में प्रदर्शन और पोस्टरबाजी भी शुरू हो गई थी.
केरल मामलों की एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में इसकी घोषणा की. यह फैसला कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के 10 दिन से ज्यादा समय बाद आया है. यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीती थीं.
दीपा दासमुंशी ने कहा, “7 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से कांग्रेस अध्यक्ष को केरल में नया विधायक दल नेता चुनने का अधिकार दिया गया था.”
इसके बाद कई दौर की बैठकें हुईं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और एआईसीसी पर्यवेक्षक अजय माकन व मुकुल वासनिक ने तिरुवनंतपुरम में निर्वाचित विधायकों से मुलाकात की.
दासमुंशी ने कहा, “इन सभी चर्चाओं के आधार पर फैसला लिया गया है कि मिस्टर वीडी सतीसन को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया जाए.”
यह गतिरोध सतीशन, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और आलप्पुझा सांसद व एआईसीसी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के दावों के कारण पैदा हुआ था. सतीसन एर्नाकुलम जिले की परवूर सीट से विधायक और विपक्ष के नेता थे. वहीं चेन्निथला ने अपने प्रशासनिक अनुभव और वरिष्ठता का हवाला दिया था.
पार्टी सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि जब पर्यवेक्षकों ने विधायकों की राय जानी, तो 40 से ज्यादा विधायकों ने वेणुगोपाल का समर्थन किया, जबकि चेन्निथला और सतीसन को एकल अंक में समर्थन मिला, लेकिन आईयूएमएल और केरल कांग्रेस जैसे सहयोगी दलों ने जनता के समर्थन का हवाला देते हुए सतीसन के पक्ष में समर्थन दिया.
कांग्रेस के ऐलान के बाद नेता प्रतिपक्ष के तौर पर सतीसन के सरकारी आवास कैंटनमेंट हाउस और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर जश्न शुरू हो गया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सतीशन ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया.
उन्होंने कहा, “टीम यूडीएफ और लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुझे यहां तक पहुंचाया है. मैं उनका आभारी हूं. केरल की जनता ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है. हमने उनसे जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करेंगे. हम राज्य में नए दौर की शुरुआत के लिए मेहनत करेंगे.”
सतीसन ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान एआईसीसी, खासकर के.सी. वेणुगोपाल ने पूरा समर्थन दिया, जबकि रमेश चेन्निथला ने कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम का समन्वय किया.
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि कांग्रेस विधायक और सहयोगी दलों की बैठक के बाद पार्टी गुरुवार शाम राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.
दिल्ली में तीन दावेदारों में शामिल वेणुगोपाल ने भी फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “केरल की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ कांग्रेस को चुना है. इसलिए जनता की उम्मीदों के मुताबिक, यूडीएफ की सरकार बनेगी. मैं वीडी सतीशन को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.” उन्होंने कहा कि वह नई सरकार को पूरा समर्थन देंगे.
सतीसन वाम मोर्चा सरकार और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ कांग्रेस का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यूडीएफ एक दशक बाद विपक्ष से वापसी करते हुए 100 से ज्यादा सीटें जीतेगा और उनका यह अनुमान सही साबित हुआ.
तीनों दावेदारों को पिछले शनिवार चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया गया था. इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों से सार्वजनिक प्रदर्शन बंद करने की अपील की थी.
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